
Lucknow, 11 सितंबर . उत्तर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन ग्रामीण महिलाओं के लिए आय और आत्मनिर्भरता का नया आधार बनता जा रहा है. प्रदेश के 42 जिलों के 7,220 गांवों में 3.94 लाख महिलाएं दुग्ध उत्पादन से जुड़ी हैं और इनके जरिए प्रतिदिन करीब 10.77 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है. इनमें 72,669 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं. इस दुग्ध कारोबार का कुल कारोबार 5,839 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि 133 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया है.
उपChief Minister केशव प्रसाद मौर्य ने Friday को खाद्य प्रसंस्करण विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की संयुक्त बैठक में दुग्ध उत्पादन को गांवों में महिलाओं की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसे प्रदेश के सभी 75 जिलों के गांव-गांव तक पहुंचाने के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दुग्ध योजना से अधिक से अधिक महिलाओं, किसानों और युवाओं को जोड़ा जाए तथा ग्राम स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान चलाकर पात्र लोगों को योजना की जानकारी दी जाए.
उन्होंने पंजीकरण, आवेदन और जरूरी दस्तावेजों की प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ जरूरतमंदों को विभागीय स्तर पर पूरा सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. बैठक में बताया गया कि बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से सात जिलों के 1,440 गांवों में 95,100 सदस्य जुड़े हैं और प्रतिदिन 2.50 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है. काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से 10 जिलों के 1,770 गांवों में 55,000 सदस्य जुड़े हैं तथा प्रतिदिन 1.60 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है. इसी तरह सामार्थ्या मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से 10 जिलों के 1,550 गांवों में एक लाख सदस्य, बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से सात जिलों के 1,160 गांवों में 73,283 सदस्य और सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी से आठ जिलों के 1,900 गांवों में 71,320 सदस्य जुड़े हुए हैं.
उपChief Minister केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर India और एक करोड़ लखपति दीदी के संकल्प को उत्तर प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है. दुग्ध उत्पादन महिलाओं को नियमित आय उपलब्ध कराने के साथ परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है और गांवों में रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है.
उपChief Minister ने कहा कि दुग्ध उत्पादन से जुड़ी महिलाओं की सफलता यह साबित करती है कि ग्रामीण महिलाओं में आर्थिक आत्मनिर्भरता की बड़ी क्षमता है. Government इस मॉडल का विस्तार कर अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है. इससे महिलाओं की आय बढ़ेगी, गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और उत्तर प्रदेश विकसित प्रदेश के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा.
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विकेटी/एसके