
New Delhi, 1 अक्टूबर . Prime Minister Narendra Modi ने Thursday को New Delhi के India मंडपम में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया. इस मौके पर पीएम मोदी ने यूपीएससी के 100 वर्ष पूरे होने पर एक विशेष स्मारक डाक टिकट, सिक्का और एक विशेष पुस्तक जारी की.
संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार का जिक्र किया. पीएम ने कहा, “कल एक घटना घटी और India के कैप्टन स्मित ने जिस प्रकार से धैर्य, सूझबूझ और साहस का परिचय दिया और जैसे आज इजरायल के Prime Minister नेतन्याहू ने कहा कि इस हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचा लिया. हर देशवासी को स्मित का ये पराक्रम गौरव से भर देता है.”
पीएम मोदी ने आगे कहा, “आज मेरी उनके पिता भूपेंद्र भाई, उनकी माता गीता बहन और पत्नी सोनल से भी बातचीत हुई. आज पूरी दुनिया उन पर गर्व कर रही है. मैं देशवासियों से प्रार्थना करता हूं कि हम सब स्मित के उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करें और India का गौरव बढ़ाने वाले स्मित का अभिनंदन करें.”
उन्होंने कहा, “यूपीएससी की 100 वर्ष की इस यात्रा में पीढियां बदलीं, Governmentें बदलीं, टेक्नोलॉजी बदली, सिलेबस बदले लेकिन यूपीएससी पर भरोसा आज भी उतना ही अटूट है. ये आप सभी की बहुत बड़ी पूंजी है. 100 वर्षों की इस यात्रा पर अभी यहां स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया गया. मैं 100 वर्ष की इस यात्रा से जुड़े सभी महानुभावों का वंदन करता हूं, आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं.
पीएम मोदी ने कहा, “आज का ये दिन, यूपीएससी के 100 वर्षों के उत्सव के साथ ही विरासत का भी उत्सव है. ये उत्सव उस आकांक्षा का है, जिसे हर वर्ष लाखों-लाख युवा जीते हैं. ये उत्सव उस विश्वास का है, जो हर भारतवासी का इस संस्था पर है.
यूपीएससी के 100 साल के सफर को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह संस्था देश को ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी देने में अहम भूमिका निभा रही है. जारी किया गया स्मारक सिक्का और डाक टिकट यूपीएससी की इस ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक हैं.
बता दें कि India के पहले लोक सेवा आयोग की स्थापना 1 अक्टूबर 1926 को सर रॉस बार्कर के नेतृत्व में 1924 की ली कमीशन की सिफारिशों के बाद हुई थी. पहले इसे लोक सेवा आयोग के नाम से जाना जाता था, जिसे अब संघ लोक सेवा आयोग के नाम से जाना जाता है.
यह कार्यक्रम दो दिवसीय है. इस कार्यक्रम में देशभर के राज्य लोक सेवा आयोगों के अध्यक्ष और सदस्य शामिल हो रहे हैं. इसके अलावा केंद्र Government के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद और यूपीएससी के अधिकारी भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं.
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वीकेयू/पीएम