युवाओं को एआई कौशल से लैस करने की जरूरत : डॉ. मनसुख मांडविया

New Delhi, 28 सितंबर . केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने Monday को कहा कि बदलते समय और नई आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार India की श्रम और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव की जरूरत है. उन्होंने खास तौर पर आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से पैदा हो रहे बड़े अवसरों का जिक्र किया.

उन्होंने कहा कि India के युवाओं को एआई, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और दूसरी आधुनिक तकनीकों से जुड़े नए कौशल सिखाने की जरूरत है.

Union Minister ने 2026 में लाल किले की प्राचीर से Prime Minister Narendra Modi के स्वतंत्रता दिवस संबोधन का भी जिक्र किया. इसमें Prime Minister ने घोषणा की थी कि अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई से जुड़े कौशल की ट्रेनिंग दी जाएगी.

डॉ. मांडविया ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और एम्प्लॉयर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईएफआई) की ओर से आयोजित ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इंडस्ट्रियल रिलेशंस एंड लेबर एंड अवॉर्ड्स 2026’ का उद्घाटन करते हुए पिछले एक दशक में India में सामाजिक सुरक्षा के दायरे में हुई बढ़ोतरी पर भी प्रकाश डाला.

उन्होंने कहा कि 2015 में देश की केवल 19 प्रतिशत आबादी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में थी, जबकि अब 101 करोड़ लोग यानी करीब 68 प्रतिशत आबादी इसके दायरे में है. इसे अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने भी मान्यता दी है.

मंत्री ने उस पुरानी सोच को बदलने की जरूरत बताई, जिसमें उद्योगों के हित में बनाई गई नीतियों को मजदूर विरोधी और मजदूरों के हित वाली नीतियों को उद्योग विरोधी माना जाता है. उन्होंने उद्योगों और कर्मचारियों से राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनकर एक साथ आगे बढ़ने की अपील की.

श्रम मंत्रालय ने श्रम संहिताओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘श्रम संवाद’ नाम से एक बड़ा अभियान भी शुरू किया है. इसके तहत अगले 90 दिनों में सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 316 जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा.

डॉ. मांडविया ने औद्योगिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच लगातार बातचीत और विचार-विमर्श के महत्व पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, “जहां संवाद है, वहां समाधान है.”

India की 7.8 प्रतिशत की उच्च जीडीपी विकास दर का जिक्र करते हुए डॉ. मांडविया ने कहा कि Government की व्यापक आर्थिक नीतियों ने देश को मजबूत विकास दर बनाए रखने में मदद की है.

उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में India की मजबूत आर्थिक वृद्धि के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं. उन्होंने बताया कि 2017 से 2023 के दौरान अर्थव्यवस्था में हर 1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ रोजगार में 1.11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि इससे पहले यह आंकड़ा केवल 0.008 प्रतिशत था.

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एएमटी/पीएम

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