
मैसूर, 28 सितंबर . कर्नाटक के पूर्व मंत्री और छह बार के विधायक तनवीर सैत ने Monday को मैसूर पैलेस परिसर में दशहरा के हाथियों के महावतों, कावड़ियों और उनके परिवारों के लिए आयोजित नाश्ते के कार्यक्रम में शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्दारमैया के देर से पहुंचने पर नाराजगी जताई.
कार्यक्रम सुबह 9 बजे शुरू होना था, लेकिन काफी देर तक यतींद्र सिद्दारमैया वहां नहीं पहुंचे. इसके कारण महावतों, कावड़ियों और उनके परिवारों को उनका इंतजार करना पड़ा. देरी से नाराज तनवीर सैत कार्यक्रम स्थल से चले गए. उन्होंने डिप्टी कमिश्नर से भी बात की और कार्यक्रम की व्यवस्था तथा मंत्री के समय पर नहीं पहुंचने को लेकर सवाल उठाए.
सैत ने कहा, “क्या आपको समय का ध्यान नहीं है? अगर समय का ध्यान ही नहीं रखा जाएगा तो क्या किया जाए? हर चीज की एक सीमा होती है. दूसरे मामलों में वे जो चाहें करें, लेकिन क्या महावतों को नाश्ते के लिए इंतजार करवाना सही है?” इसके बाद वह कार्यक्रम स्थल से चले गए.
यतींद्र सिद्दारमैया बाद में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और उन्होंने महावतों और कावड़ियों को नाश्ता परोसा. देरी पर सफाई देते हुए यतींद्र ने कहा कि वह अभी मैसूर में अपने नए घर में पूरी तरह व्यवस्थित नहीं हो पाए हैं और घर में सामान लगाने का काम चल रहा है. सामान इधर-उधर पड़ा है.
उन्होंने कहा, “मेरी मां घर पर नहीं थीं, मैं अकेला था और कर्मचारी भी मौजूद नहीं थे. तैयार होने, चीजों को व्यवस्थित करने और यहां पहुंचने में थोड़ा समय लग गया. मैंने जानबूझकर देरी नहीं की.”
मैसूर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले तनवीर सैत इससे पहले भी पूर्व Chief Minister सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली राज्य Government के कामकाज की आलोचना कर चुके हैं.
तनवीर सैत कर्नाटक के मैसूर की नरसिम्हाराजा विधानसभा सीट से छह बार विधायक चुने जा चुके हैं. अपने पिता के निधन के बाद उन्होंने मई 2002 में पहली बार उपचुनाव जीता था. इसके बाद उन्होंने लगातार चुनावों में जीत हासिल की और 2023 के विधानसभा चुनाव में छठी बार विधायक बने. उन्हें Chief Minister डीके शिवकुमार का करीबी माना जाता है.
पूर्व मंत्री तनवीर सैत ने डीके शिवकुमार की कैबिनेट में जगह नहीं मिलने पर भी निराशा जताई थी. एआईसीसी की ओर से मंजूर मंत्रियों की सूची में उनका नाम शामिल नहीं था. तनवीर सैत मंत्री पद के मजबूत दावेदार माने जा रहे थे और कैबिनेट विस्तार के दूसरे चरण में उन्हें पार्टी हाईकमान से मंजूरी मिलने का भरोसा था.
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, सिद्दारमैया के बेटे यतींद्र के Political भविष्य को मजबूत करने के लिए तनवीर सैत को मंत्री पद से दूर रखा गया.
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एएमटी/वीसी