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Monday, 19 October 2026
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मेरे सास-ससुर दक्षिण भारत से, उनकी बेटी आज अमेरिका की सेकंड लेडी: जेडी वेंस

मेरे सास ससुर दक्षिण भारत से, उनकी बेटी आज अमेरिका की सेकंड लेडी: जेडी वेंस

मेरे सास-ससुर दक्षिण India से, उनकी बेटी आज अमेरिका की सेकंड लेडी: जेडी वेंस

वाशिंगटन, 18 अक्टूबर . अमेरिकी उपPresident जेडी वेंस ने इमिग्रेशन और अपनी भाषा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अपनी फैमिली का उदाहरण पेश किया. कहा कि उनकी पत्नी उषा वेंस के माता-पिता दक्षिण India से अमेरिका आए थे और आज उनकी बेटी देश की सेकंड लेडी है.

अमेरिकी चैनल सीबीएस न्यूज के शो ‘थिंग्स दैट मैटर – अ टाउन हॉल विद वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस’ में एक अमेरिकी नागरिक के सवाल का जवाब देते हुए वेंस ने कहा कि उनका इरादा किसी भी अप्रवासी को बुरा भला कहना नहीं था. उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति पूरी तरह सही नहीं होता और यदि उनकी भाषा कहीं गलत रही है, तो इसकी जिम्मेदारी उनकी है.

दरअसल उनसे सवाल करीब 20 साल पहले अमेरिका आई निव अगरम नाम की युवती ने सवाल पूछा था.

निव ने कहा, “मुझे चिंता बॉर्डर सेफ्टी, ट्रैफिकिंग और ड्रग्स को लेकर थी, इसलिए नहीं कि इमिग्रेंट नौकरी छीनते हैं. लेकिन आईसीई को मिलिट्री Police की तरह बर्ताव करते देख और आपके द्वारा एच-1बी वर्कर्स को ‘विदेशी बंधुआ मजदूर’ (इंडेंचर्ड सर्वेंट) कहने के बाद मुझे लगता है अमेरिकी सेफ नहीं हैं. आप उन मुद्दों के लिए अप्रवासियों को बलि का बकरा क्यों बना रहे हैं जिन्हें आपको हल करना चाहिए?”

इस सवाल पर वेंस पहले तो थोड़े असहज दिखे, फिर उन्होंने अपनी पत्नी उषा वेंस के परिवार का जिक्र किया. वेंस ने कहा, “सबसे पहले, अगर मेरी भाषा कहीं गलत रही है तो वो मेरी गलती है. मेरा मकसद किसी भी प्रवासी को अमानवीय बनाना नहीं है. मैं खुद कई इमिग्रेंट्स से प्यार करता हूं. मेरे सास-ससुर साउथ इंडिया से आए हैं और उनकी बेटी, जो अमेरिका में पैदा हुई, आज सेकंड लेडी है और मुझे उस पर बहुत गर्व है.”

वेंस ने अपने विवादित ‘बंधुआ मजदूर’ बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी आलोचना एच-1बी होल्डर की नहीं, बल्कि सिस्टम और कंपनियों की उन्होंने कहा, “जब कोई एच-1बी पर आता है तो कंपनी सर्टिफाई करती है कि उसे ये काम करने के लिए कोई अमेरिकी नहीं मिला. उसका वीजा ही अमेरिका में रहने का एकमात्र सहारा होता है. अगर वो बॉस से बहस करे तो सिर्फ नौकरी नहीं, उसे देश से वापस भेजा जा सकता है. ये नियोक्ता को बहुत ज्यादा ताकत देता है. ये बंधुआ मजदूर जैसा व्यवहार है.”

वेंस ने आगे कहा कि जब एक ट्रिलियन डॉलर की कंपनी कहती है कि उसे अकाउंटेंट नहीं मिला और पहले से काम कर रहे अमेरिकी अकाउंटेंट को निकाल कर बाहर से किसी को लाती है, तो ये न तो इमिग्रेंट के लिए अच्छा है, न अमेरिकी वर्कर के लिए.

टीवी होस्ट द्वारा भाषा पर सवाल दोहराए जाने पर वेंस ने ‘सोशल कोहेजन’ यानी सामाजिक समरसता या सामंजस्य का हवाला दिया. उन्होंने कहा, “मैं ऐसा देश बनाना चाहता हूं जहां समुदाय की भावना बनी रहे. जब बहुत कम समय में बहुत ज्यादा लोग आ जाते हैं, तो भले ही वे अच्छे लोग हों, देश का स्वरूप बदल जाता है. मेरे कई पड़ोसी ऐसे हैं जो अपने ही मोहल्ले में अपनी भाषा बोलने वाला एक व्यक्ति तक नहीं ढूंढ पाते. यह किसी की आलोचना नहीं है, लेकिन अगर कोई अमेरिकी यह चाहता है कि वह अपने पड़ोस को उन लोगों के साथ साझा करे जिनसे उसकी कुछ तो समानता हो, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है.”

वेंस की पत्नी उषा वेंस भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक हैं. उनके माता-पिता दक्षिण India से अमेरिका आए थे. वेंस का पारिवारिक संदर्भ ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका में आव्रजन, विदेशी पेशेवरों के रोजगार और अप्रवासियों के सामाजिक एकीकरण को लेकर Political बहस जारी है.

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केआर/

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