
शिलांग, 25 सितंबर . मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के 31 Governmentी और Governmentी सहायता प्राप्त स्कूलों को मेघालय किशोर कल्याण, सशक्तिकरण और लचीलापन कार्यक्रम (एमपीओडब्ल्यूईआर) के तहत डिजिटल और इंटरैक्टिव शिक्षा की दिशा में व्यापक प्रोत्साहन मिलने वाला है. अधिकारियों ने Friday को यह जानकारी दी.
ये 31 स्कूल इस पहल के पायलट चरण का हिस्सा होंगे, जिनमें पूर्वी खासी हिल्स के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र शामिल हैं. इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह आकलन करना है कि डिजिटल और मिश्रित शिक्षा को विभिन्न स्कूल परिवेशों में प्रभावी ढंग से कैसे एकीकृत किया जा सकता है, साथ ही प्रौद्योगिकी को नियमित कक्षा शिक्षण का एक व्यावहारिक हिस्सा बनाया जा सकता है.
इस पहल के तहत, जिले के 47 शिक्षकों और चार स्कूल प्रधानाचार्यों को डिजिटल शिक्षा पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया गया है. मेघालय Government के शिक्षा विभाग के एक सहयोगी कार्यक्रम के तहत, सीके-12 लर्निंग प्लेटफॉर्म ने इंटरैक्टिव संसाधनों, डिजिटल उपकरणों और व्यावहारिक कक्षा अनुप्रयोगों सहित प्रशिक्षण प्रदान किया.
इस साझेदारी के तहत कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के लिए गणित और विज्ञान में डिजिटल शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे. छात्रों को इंटरैक्टिव और अनुकूलनीय सामग्री और प्रौद्योगिकी-आधारित उपकरण मिलेंगे, जिनकी मदद से वे अपनी गति से सीख और अभ्यास कर सकेंगे. इस प्लेटफॉर्म में फ्लेक्सी भी शामिल है, जो एक एआई-संचालित ट्यूटर है और चरण-दर-चरण मार्गदर्शन और व्यक्तिगत सहायता प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है.
शिक्षकों को एआई-संचालित उपकरणों और डेटा-आधारित जानकारियों का उपयोग करके शिक्षण गतिविधियां तैयार करने, उन क्षेत्रों की पहचान करने जहां छात्रों को अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है, और कक्षा में अधिक लक्षित सहायता प्रदान करने का अवसर मिलेगा.
मेघालय Government के एमपीओडब्ल्यूईआर परियोजना निदेशक संपथ कुमार ने कहा कि अधिगम को अधिक सुलभ, आकर्षक और छात्र-केंद्रित बनाने में प्रौद्योगिकी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. उन्होंने कहा कि यह सहयोग छात्रों और शिक्षकों को इंटरैक्टिव डिजिटल संसाधनों के करीब लाएगा और साथ ही पारंपरिक कक्षा शिक्षण का पूरक भी बनेगा.
अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली, व्यक्तिगत शिक्षा उपलब्ध कराना है. मेघालय Government का शिक्षा विभाग 31 विद्यालयों की भागीदारी सुनिश्चित करेगा. एमपीओवीआर, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) अवसंरचना (उपकरण और कनेक्टिविटी सहित) सुनिश्चित करके, पायलट प्रोजेक्ट की निगरानी और मूल्यांकन करने तथा इसके परिणामों की समय-समय पर समीक्षा करके इस पहल में सहयोग करेगा.
अधिकारियों ने बताया कि इस पहल से गणित और विज्ञान में वैचारिक समझ और रुचि मजबूत होने की उम्मीद है, साथ ही शिक्षकों को डिजिटल उपकरणों और शिक्षण डेटा को नियमित कक्षा अभ्यासों में एकीकृत करने में मदद मिलेगी.
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एमएस/