‘मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए संकटमोचक थे सुदिव्य सोनू’, मंत्री के निधन पर कांग्रेस और झामुमो नेताओं ने जताया दुख

रांची, 6 सितंबर . Jharkhand Government में मंत्री सुदिव्य सोनू के निधन पर सत्तारूढ़ झामुमो और कांग्रेस के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है. कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने सुदिव्य सोनू, Chief Minister हेमंत सोरेन के लिए संकटमोचक के रूप में थे. उन्होंने कहा कि वे एक Political सूझबूझ रखने वाले व्यक्ति थे और Jharkhand का एक बड़ा चेहरा थे. उनके जाने से Jharkhand की बड़ी क्षति हुई है.

मंत्री सुदिव्य सोनू के निधन पर कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने से बात करते हुए कहा, “यह बहुत दुखद खबर है. सुबह-सुबह यह सुनने को मिला है. इससे अधिक दुखद खबर कोई और नहीं हो सकती. वह मेरे बहुत करीबी सहयोगी थे. जब भी गठबंधन को लेकर बातचीत होती थी, तो हम दोनों साथ बैठकर फैसले लेते थे. एक मंत्री के तौर पर वह बहुत अच्छा काम कर रहे थे. बस दो-तीन दिन पहले ही हमारी बात हुई थी, जब वह टूरिज्म को समझने और सीखने के लिए Bengaluru के दौरे पर थे. उस लंबी बातचीत के दौरान हमने चर्चा की थी कि Jharkhand को कैसे मजबूत बनाया जाए और टूरिज्म के क्षेत्र में उसे कैसे आगे ले जाया जाए.”

उन्होंने कहा, “लगातार जिस तरह सुदिव्य सोनू काम करते थे, वो Chief Minister हेमंत सोरेन के लिए संकटमोचक के रूप में थे. जब भी गंभीर मसला होता था, वह Chief Minister उन्हें शामिल करते थे. वे एक Political सूझबूझ रखने वाले व्यक्ति थे और Jharkhand का एक बड़ा चेहरा थे. उनके जाने से Jharkhand की बड़ी क्षति हुई है.”

राजेश ठाकुर ने कहा, “सुदिव्य सोनू एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी जाने जाते थे. उनका स्वभाव शांत था. वे गंभीरता से दूसरों की बातों को सुनते और आगे रखते थे. हमारा मानना है कि उनके जाने की क्षतिपूर्ति संभव नहीं है.”

झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा, “यह बेहद दुखद और पीड़ादायक है. उनका असमय हमारे बीच से चले जाना और Jharkhand की राजनीति में उनके जाने से जो खालीपन आया है, उसे भरना बहुत मुश्किल होगा. यह Jharkhand मुक्ति मोर्चा के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें.”

वहीं, Jharkhand विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने भी मंत्री सुदिव्य सोनू के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा, “मुझे लोगों ने इस बारे में जानकारी दी थी, जिस पर विश्वास नहीं हो रहा था. मैंने गिरिडीह के लोगों से बात की, जिन्होंने निधन की पुष्टि की.”

उन्होंने कहा, “सुदिव्य सोनू भले राजनैतिक तौर पर दूसरे दल के सदस्य थे, लेकिन वह हमारे शहर के रहने वाले थे. प्रारंभ से एक जान-पहचान रही है. मैं कह सकता हूं कि वे काफी दिलेर रहे हैं. अचानक इस प्रकार निधन होना परिवार के लिए दुखद होता है, लेकिन यह समाज के लिए भी दुखद है. ईश्वर परिवार को इस दुखद क्षण को सहन करने की शक्ति दें.”

डीसीएच/

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