
शिलांग, 29 अगस्त . असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने Saturday को शिलांग स्थित असम रेजिमेंट युद्ध स्मारक के दौरे के दौरान राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की.
सरमा ने शहीद सैनिकों को याद किया और देश के प्रति उनके साहस, समर्पण और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित करता रहेगा.
Chief Minister ने एक पोस्ट में कहा कि राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों को मैंने अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की. उनका साहस और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को India माता की सेवा में पूर्ण समर्पण के साथ प्रेरित करता रहेगा. जय हिंद.
शिलांग स्थित असम रेजिमेंटल सेंटर के अपने दौरे के दौरान सरमा ने सशस्त्र बलों के कर्मियों से बातचीत की और उनके दैनिक जीवन और प्रशिक्षण वातावरण का अवलोकन किया. उन्होंने कहा कि उन्हें उन कर्मियों के जीवन की प्रत्यक्ष झलक मिली जो राष्ट्र की रक्षा करने और कर्तव्य की राह में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
सरमा ने कहा कि उनका दैनिक जीवन अनुशासन, समर्पण और हर चुनौती का सामना करने के साहस से परिभाषित होता है.
Chief Minister का युद्ध स्मारक दौरा उन सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए था जिनकी सेवा और बलिदान असम रेजिमेंट के इतिहास और परंपराओं का अभिन्न अंग हैं.
सरमा ने सशस्त्र बलों के मार्गदर्शक अनुशासन और साहस के मूल्यों पर प्रकाश डाला, साथ ही देश की रक्षा का दायित्व निभा रहे सेवारत कर्मियों की प्रतिबद्धता को भी स्वीकार किया.
पूर्वोत्तर क्षेत्र से घनिष्ठ संबंध रखने वाली असम रेजिमेंट का विभिन्न सैन्य अभियानों और संघर्षों में सेवा का लंबा इतिहास रहा है. रेजिमेंट ने देश की रक्षा तैयारियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
Chief Minister ने असम रेजिमेंटल सेंटर में कर्मियों से बातचीत की, जिससे उनके योगदान को सराहने और सैन्य सेवा की मांगों को समझने का अवसर मिला.
सरमा की यात्रा और उनके संबोधन में शहीद सैनिकों को याद करने के महत्व पर भी बल दिया गया, साथ ही देश की सेवा कर रहे वर्तमान कर्मियों के समर्पण को भी मान्यता दी गई. उन्होंने राष्ट्रीय गौरव के संदेश के साथ अपनी श्रद्धांजलि का समापन किया, सशस्त्र बलों की वीरता और बलिदान को सलाम किया और देश के प्रति सेवा की अटूट भावना को दोहराया.
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एमएस/