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Thursday, 15 October 2026
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मुंबई में ईडी की कार्रवाई, बर्नाडेट भरत वर्मा और पति समेत 11 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

Mumbai  में ईडी की कार्रवाई, बर्नाडेट भरत वर्मा और पति समेत 11 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

Mumbai , 14 अक्टूबर . Enforcement Directorate (ईडी) के Mumbai जोनल ऑफिस ने Mumbai की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में बर्नाडेट भरत वर्मा, उनके पति और 9 अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध के लिए पीएमएलए, 2002 की धारा 3 और धारा 4 के तहत प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (पीसी) दायर की है. इसी के साथ पीएमएलए स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में आरोपियों को प्री-कॉग्निजेंस नोटिस जारी करने का आदेश दिया है.

ईडी की जांच Mumbai के कफ परेड Police स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज First Information Report के आधार पर शुरू की गई थी. आरोप है कि वित्त विभाग की पूर्व डिप्टी सेक्रेटरी बर्नाडेट भरत वर्मा ने यूनाइटेड सर्विसेज क्लब द्वारा उन पर किए गए भरोसे का फायदा उठाया और क्लब के वेंडरों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खोलकर और उन फर्जी खातों में लगभग 77.52 करोड़ रुपए ट्रांसफर करके क्लब के साथ धोखाधड़ी की.

जांच से पता चला है कि बर्नाडेट भरत वर्मा ने अपने पति भरतकुमार शंकरलाल वर्मा के साथ मिलकर यूनाइटेड सर्विसेज क्लब के 79 करोड़ रुपए से अधिक के फंड को कई डमी बैंक खातों में डायवर्ट किया. ये खाते भरत कुमार वर्मा ने धोखाधड़ी से उन संस्थाओं के नामों से मिलते-जुलते नामों से खोले और चलाए थे, जो यूनाइटेड सर्विसेज क्लब की असली वेंडर थीं या हैं.

इसके बाद, बर्नाडेट और भरत वर्मा ने अपराध से मिली रकम को कई डमी संस्थाओं के बीच आपस में ट्रांसफर करके घुमाया और फंड को अपने निजी बैंक खातों, जॉइंट अकाउंट्स और अपने परिवार के सदस्यों के खातों में ट्रांसफर कर दिया. आरोपियों ने अपराध से मिली रकम का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने, फिक्स्ड डिपॉजिट करने, लग्जरी गाड़ियां खरीदने, परिवार के साथ विदेश यात्रा करने और आलीशान जीवनशैली जीने आदि में भी किया.

अगस्त 2024 में नियुक्त सीए द्वारा यूएस क्लब के ऑडिट के दौरान मुख्य आरोपी के धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन का पता चलने के बाद, आरोपियों ने अपराध से मिली रकम का एक हिस्सा भी ट्रांसफर किया. उक्त सीए की गैर-कानूनी मांगों के कारण एक फाउंडेशन/ट्रस्ट को 11 करोड़ रुपए दिए गए और इन फंड्स का इस्तेमाल मुख्य रूप से उसी सीए और/या उसके रिश्तेदारों/सहयोगियों ने किया.

इससे पहले, ईडी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 5 के तहत Mumbai और रायगढ़ इलाके में फ्लैट, जमीन, दुकान जैसी कई अचल संपत्तियों और एफडी व बैंक बैलेंस जैसी चल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया था, जिनकी कुल कीमत 47 करोड़ रुपए से ज्यादा है.

इस मामले को लेकर ईडी की ओर से आगे की जांच चल रही है.

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डीके/डीकेपी

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