
Lucknow, 22 सितंबर . उत्तर प्रदेश को चार भागों में बांटने के बयान और मायावती पर अखिलेश की टिप्पणी समेत कई मामलों पर यूपी Government के मंत्री ओमप्रकाश राजभर की प्रतिक्रिया सामने आई है.
से बातचीत करते हुए बसपा प्रमुख मायावती पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर ओमप्रकाश राजभर ने कहा, “आप (अखिलेश यादव) 2 जून की घटना के बारे में बात क्यों नहीं करते? अखिलेश यादव को खुलकर कहना चाहिए कि हम चाहते थे कि 2 जून को गेस्ट हाउस वाली घटना हो, लेकिन भाजपा नेताओं ने आपको (मायावती) बचा लिया; वरना आप मारी जातीं. अखिलेश को यह बात खुलकर कहनी चाहिए.”
राजभर ने कहा, “आप (अखिलेश यादव) कैसा बर्ताव करेंगे? आप अपनी पार्टी के नेताओं को जो बातें सिखा रहे हैं और जो ट्रेनिंग दे रहे हैं (जैसे ब्राह्मणों को अपशब्द कहना और एक यादव नेता का माइक पर भाषण देना कि अगर सपा की Government बनी तो हम ऊंची जातियों को देश से बाहर निकाल देंगे). सपा के लोग सभी जातियों के खिलाफ गाली दे रहे हैं और अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं. शिवपाल यादव पहले अपनी दवाई कर लें, वे किसकी-किसकी दवाई करेंगे. मायावती एक ‘ब्रह्मास्त्र’ हैं और उनकी तरफ जाना आपके (सपा) गले का फंदा बन जाएगा; उस तरफ देखिए भी मत.”
Samajwadi Party के नेता शिवपाल यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “Samajwadi Party के लोगों ने ही उन्हें फंसाया था. उनके खिलाफ दर्ज मामले सिर्फ सपा के कार्यकाल में ही दर्ज नहीं हुए थे. आप उन्हें पैसे दे रहे हैं, Governmentी जमीन पर इमारत बनवा रहे हैं, और अगर जमीन Governmentी है, तो उसे स्कूल के नाम क्यों नहीं ट्रांसफर किया गया? क्या यह भाजपा की गलती है या सपा की? शिवपाल बहुत अच्छी बातें कर रहे हैं, इसलिए हम उनसे पूछ रहे हैं कि जब आप मंत्री थे, तब राज्य में Governmentी नौकरियों के लिए बोली लगती थी. वह भी एक पाप है और वह आपको ले डूबेगा. आज योगी Government है, जहां लोगों को बिना पैसे दिए नौकरियां मिल रही हैं.”
ओमप्रकाश राजभर ने कहा, “प्रदेश के बंटवारे की बात मुलायम सिंह के समय से हो रही है. मायावती भी उसकी पक्षधर रही हैं. हम लोगों की ओर से भी पूर्वांचल को लेकर 24 वर्षों से बोल रहे हैं.” उन्होंने कहा कि मैंने Prime Minister से 27 प्रतिशत आरक्षण के बंटवारे के बारे में बात की. उन्होंने मुझे बताया कि कुछ जातियां इसका विरोध कर रही हैं. एक बार जातिगत जनगणना हो जाने के बाद, 27 प्रतिशत आरक्षण को बांटने में कोई दिक्कत नहीं होगी.”
–
एसडी/पीएम