महाराष्ट्र: मंत्री गिरीश महाजन ने राज्यपाल को दिया सिंहस्थ कुंभ मेला ध्वजारोहण समारोह का निमंत्रण, राष्ट्रपति भी रहेंगी मौजूद

Mumbai , 23 अक्टूबर . Maharashtra के जल संसाधन और आपदा प्रबंधन मंत्री और सिंहस्थ कुंभ मेला के प्रभारी मंत्री गिरीश महाजन ने Maharashtra के Governor जिष्णु देव वर्मा से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने Governor को नासिक-त्र्यंबकेश्वर में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेला ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया.
यह ध्वजारोहण समारोह 31 अक्टूबर को नासिक-त्र्यंबकेश्वर में आयोजित किया जाएगा. इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक समारोह में India की President द्रौपदी मुर्मु भी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहेंगी. Governor को आमंत्रित करने के बाद यह आयोजन और भी महत्वपूर्ण हो गया है.
मंत्री गिरीश महाजन ने Governor जिष्णु देव वर्मा को सिंहस्थ कुंभ मेला की तैयारियों और इस आयोजन की पूरी रूपरेखा के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि नासिक और त्र्यंबकेश्वर Maharashtra ही नहीं, बल्कि पूरे देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र हैं. सिंहस्थ कुंभ मेला India के सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक आयोजनों में से एक है, जो Maharashtra की समृद्ध धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है.
गिरीश महाजन ने कहा कि इस महाआयोजन में देशभर से लाखों संत, साधु, तपस्वी और श्रद्धालु आस्था और भक्ति के एक साझा मंच पर एकत्रित होंगे. यह केवल एक धार्मिक मेला नहीं, बल्कि India की एकता और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है.
महाजन ने Governor को बताया कि राज्य Government सिंहस्थ कुंभ मेला को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. Government ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, तीर्थयात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं सुनिश्चित करने और आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक प्रशासनिक प्रबंध किए हैं. सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, स्वास्थ्य सेवाएं और ठहरने की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
इस मुलाकात के दौरान मंत्री गिरीश महाजन ने Governor को 2015 के सिंहस्थ कुंभ मेला की सफल योजना और प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 2015 में आयोजन को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए क्या-क्या उपाय किए गए थे और उस अनुभव से आगामी कुंभ मेले के लिए क्या सीख ली गई है. 2015 के अनुभव के आधार पर इस बार और भी बेहतर व्यवस्थाएं की जा रही हैं.
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एससीएच/वीसी


