महाराष्ट्र के एमएसएमई क्षेत्र से बढ़ेगी विकास की रफ्तार: सीएम देवेंद्र फडणवीस

Mumbai , 26 अगस्त . Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Wednesday को कहा कि Maharashtra देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख ‘ग्रोथ इंजन’ बना हुआ है.

उन्होंने कहा कि बड़ी कंपनियां अक्सर सुर्खियों में रहती हैं, लेकिन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो जरूरी पुर्जों का निर्माण करता है, स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति करता है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करता है.

उन्होंने कहा कि पुणे और आसपास के क्षेत्रों के ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग उद्योगों में एमएसएमई क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है. यह आयात के स्थानीय विकल्प उपलब्ध कराने के साथ-साथ ‘लोकल टू ग्लोबल’ की सोच को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहा है.

सीएम देवेंद्र फडणवीस पुणे क्षेत्र के चाकण-भोसरी औद्योगिक केंद्र के लिए 49 एमएसएमई इकाइयों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि 2,320.97 करोड़ रुपए के नए निवेश से राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, हजारों रोजगार के अवसर बनेंगे और पुणे का औद्योगिक तंत्र और मजबूत होगा.

Chief Minister ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए Government ने राज्यभर में व्यापक ‘एमएसएमई जनगणना’ शुरू की है. इसके तहत छोटे उद्योगों के आकार, संचालन क्षमता, रोजगार के आंकड़े और बुनियादी ढांचे की जरूरतों से जुड़ी सटीक जानकारी एकत्र की जाएगी.

उन्होंने 49 एमएसएमई इकाइयों को आश्वस्त किया कि उनकी परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा और पारंपरिक समझौतों की तरह देरी नहीं होने दी जाएगी.

सीएम फडणवीस ने कहा, “समझौता करने वाली इकाइयां अगले एक से दो वर्षों में अपना संचालन शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रही हैं. Maharashtra औद्योगिक विकास निगम और उद्योग विभाग को भूमि आवंटन तथा बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं.”

Chief Minister के अनुसार, 30 से 40 वर्ष पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को आधुनिक बनाकर स्वायत्त ‘इंडस्ट्रियल सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा. इस योजना की शुरुआत पुणे जिले से होगी. इसके तहत स्थानीय स्तर पर एकत्र कर का उपयोग क्षेत्रीय प्रशासन, सफाई और बुनियादी ढांचे के रखरखाव पर किया जाएगा.

राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने उद्योगों के Maharashtra से बाहर जाने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य का औद्योगिक माहौल अब भी देश में सबसे बेहतर है.

उन्होंने कहा, “चाकण-भोसरी क्षेत्र या Maharashtra के किसी भी हिस्से से एक भी उद्योगपति ने अपना कारोबार कहीं और नहीं ले जाया है. निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है और चाकण क्षेत्र में जमीन की बढ़ती मांग इसका प्रमाण है.”

बता दें कि हाल ही में चाकण के कई औद्योगिक प्रतिष्ठानों ने खराब सड़कों, कचरा प्रबंधन की समस्याओं, अपर्याप्त बिजली उपकेंद्रों, स्ट्रीट लाइटों की कमी और ट्रक टर्मिनलों के अभाव को लेकर चिंता जताई थी. उद्योगों ने यह भी कहा था कि 70 मीटर चौड़ी एमआईडीसी सड़कें कई स्थानों पर केवल 8 मीटर चौड़ी संपर्क सड़कों में बदल जाती हैं, जिससे रोजाना भारी यातायात जाम की स्थिति पैदा होती है.

कुछ उद्योगों ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे अपने संचालन को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने पर विचार कर सकते हैं.

इन शिकायतों के बाद Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने पुणे जिला कलेक्टर और पिंपरी-चिंचवड़ Police आयुक्त की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की थी, जो समयबद्ध विकास कार्यों और शिकायतों के समाधान की निगरानी करेगी.

इसके बाद उपChief Minister एकनाथ शिंदे ने भी चाकण औद्योगिक क्षेत्र का दौरा कर सड़क मरम्मत कार्यों की समीक्षा की थी.

एएमटी/डीकेपी

Leave a Comment