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Wednesday, 4 November 2026
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महाराष्ट्र: कांग्रेस ने भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ’ रैलियों की आलोचना की

Maharashtra: कांग्रेस ने भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ’ रैलियों की आलोचना की

Mumbai , 2 नवंबर . Maharashtra कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने Monday को दावा किया कि भाजपा का ‘लोकतंत्र और संविधान बचाओ’ का आक्रामक अभियान ‘खुद चोर कोतवाल को डांटे’ जैसा है.

दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया अलायंस द्वारा आयोजित अभूतपूर्व ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मेगा रैली ने मोदी Government को करारा झटका दिया है. इस रैली से घबराकर भाजपा अब देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ’ रैलियां आयोजित कर रही है.

सपकाल ने कहा कि हालांकि, भाजपा और आरएसएस ही लोकतंत्र और संविधान के असली दुश्मन हैं. Chief Minister देवेंद्र फडणवीस द्वारा कांग्रेस पर लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाना हास्यास्पद है. भाजपा की मातृ संस्था आरएसएस, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के नेतृत्व में तैयार किए गए संविधान को स्वीकार नहीं करती, जबकि भाजपा नेता खुलेआम इसे बदलने की बात करते रहे हैं. भाजपा संविधान का नाम तो लेती है, लेकिन उसके हृदय में मनुस्मृति बसी है.

भाजपा और Chief Minister फडणवीस पर निशाना साधते हुए सपकाल ने आगे कहा कि 13 साल सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा अपनी उपलब्धियों को उजागर करने के बजाय जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राहुल गांधी को ही निशाना बनाती रहती है.

उन्होंने आगे कहा कि Narendra Modi और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली Governmentें 2024 के चुनावों में वोट चोरी करके सत्ता में आईं.

उन्होंने कहा कि उनके कथित चुनावी भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो चुका है, और वे न केवल सत्ता खोएंगे, बल्कि चुनाव हारने के बाद कार्रवाई का सामना करने की आशंका ने उनकी नींद भी उड़ा दी है.

सपकाल ने टिप्पणी की कि केंद्र Government, ज्ञानेश कुमार की मदद से, 13 करोड़ नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित कर रही है. भाजपा Government संविधान द्वारा प्रदत्त एक मौलिक अधिकार छीन रही है. भाजपा घुसपैठियों की बात तो करती रहती है, लेकिन यह खुलासा नहीं करती कि वास्तव में कितने लोगों को पकड़ा गया है.

अगर फडणवीस में हिम्मत है, तो उन्हें नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित करने के बहाने के रूप में इस मुद्दे का इस्तेमाल करने के बजाय घुसपैठियों के आंकड़े जारी करने चाहिए. लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन का अर्थ है चुनावों के माध्यम से Government परिवर्तन, और Political दल इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए मौजूद हैं.

उन्होंने आगे कहा कि Prime Minister Narendra Modi के कार्यकाल में सभी संवैधानिक संस्थाओं पर नियंत्रण करने और लोकतंत्र को हाईजैक करने का प्रयास किया गया है.

उन्होंने कहा कि आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों को संवैधानिक संस्थाओं और विश्वविद्यालयों में नियुक्त किया गया है, जिससे वे प्रभावी रूप से सत्ताधारी दल के नियंत्रण में आ गए हैं.

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एमएस/

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