
Mumbai , 1 अक्टूबर . राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) (एनसीपी-एसपी) 4 अक्टूबर को Mumbai में ठाकरे परिवार के सदस्यों द्वारा भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के खिलाफ आयोजित विरोध मार्च में भाग लेगी.
राज्य पार्टी अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने Thursday को यह जानकारी दी. शिंदे ने बताया कि पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में मार्च में शामिल होंगे.
4 अक्टूबर को आयोजित यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर है और यह बायकुला स्थित रिचर्डसन एंड क्रूडस कंपनी परिसर से शुरू होकर बृहन्Mumbai नगर निगम मुख्यालय तक जाएगा.
महा विकास अघाड़ी की बैठक के बाद शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और शरद पवार ने विस्तृत चर्चा की.
शरद पवार ने सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को आगामी मार्च में पूरी ताकत से भाग लेने का निर्देश दिया है. तदनुसार, शिंदे ने घोषणा की कि पदाधिकारी और कार्यकर्ता 4 अक्टूबर को होने वाले भव्य मार्च के दौरान जनहित में सड़कों पर उतरेंगे, लेकिन वे पार्टी के झंडे नहीं उठाएंगे.
उन्होंने यह भी बताया कि 5 अक्टूबर को Maharashtra में भीषण सूखे की स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए राज्य भर के प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जाएंगे.
उन्होंने आगे कहा कि मार्च की तैयारियों के लिए Mumbai , नवी Mumbai और ठाणे के प्रमुख पदाधिकारियों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई है.
शिंदे ने कहा कि राज्य और देश में लोकतांत्रिक तरीकों से विरोध करना मुश्किल हो गया है.
उन्होंने कहा कि जब भी Government की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई जाती है, तो दमनकारी कार्रवाई के लिए Governmentी तंत्र का इस्तेमाल किया जाता है और संबंधित व्यक्ति को बदनाम किया जाता है. उन्होंने आगे कहा कि पार्टी आगामी सभी विरोध प्रदर्शनों में भाग लेगी और पदाधिकारी और कार्यकर्ता 4 अक्टूबर के मार्च में पार्टी के झंडे लिए बिना शामिल होंगे.
शिंदे ने यह भी कहा कि Government ने मराठा आरक्षण के संबंध में किए गए वादे अभी तक पूरे नहीं किए हैं.
हालांकि मनोज जरांगे पाटिल ने Government को तीन महीने की समय सीमा दी थी, लेकिन Government ने पिछले महीने उन पर दबाव बनाने के लिए कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि इस तरह की दबाव की रणनीति लोकतंत्र के लिए खतरनाक है.
इससे पहले, राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे के साथ Tuesday को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ईवीएम में हेराफेरी और चुनावी धांधली को लेकर चिंताएं वर्षों से लगातार उठाई जा रही हैं.
उन्होंने कहा कि 2017-18 में, मैंने इन मुद्दों पर कई Political नेताओं से मुलाकात की थी. यह मार्च मतदाताओं के अपमान और हमारी चुनावी निष्पक्षता के उल्लंघन के खिलाफ है. उन्होंने आगे कहा कि 4 अक्टूबर को मंच से वे जो कुछ भी कहना चाहेंगे, वह सीधे तौर पर कहेंगे.
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एमएस/