मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर छगन भुजबल ने मनोज जरांगे पाटिल पर साधा निशाना

Mumbai , 16 सितंबर . राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता और Maharashtra Government के मंत्री छगन भुजबल ने Wednesday को मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रमुख चेहरे मनोज जरांगे पाटिल की तीखी आलोचना की. उन्होंने आंदोलन के दौरान इस्तेमाल की जा रही आक्रामक भाषा और बढ़ते विरोध प्रदर्शनों पर चिंता जताई.

मीडिया से बातचीत में भुजबल ने बताया कि हाल ही में हुई कैबिनेट बैठकों के बाद मंत्रियों ने सामूहिक रूप से जरांगे पाटिल द्वारा नेताओं, उनके परिवारों और प्रशासनिक अधिकारियों पर किए जा रहे लगातार व्यक्तिगत हमलों पर नाराजगी व्यक्त की.

भुजबल के अनुसार, कैबिनेट बैठकों के बाद कई मंत्रियों ने जरांगे पाटिल की आपत्तिजनक भाषा को लेकर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि जरांगे पाटिल ने Chief Minister के पिता, कैबिनेट के सहयोगी चंद्रकांत बावनकुले और यहां तक कि एक महिला जिला कलेक्टर को भी निशाना बनाया है.

जरांगे पाटिल के अभियान को “बेकाबू ट्रेन” बताते हुए भुजबल ने कहा, “देर आए दुरुस्त आए.” उन्होंने कहा कि अब उनके सहयोगी भी इस बढ़ती कटुता और तीखी बयानबाजी के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं.

भुजबल ने बीड जिले में हुए हिंसक प्रदर्शनों और आगजनी की घटनाओं को याद करते हुए कहा कि उस दौरान विधायकों के घरों और होटलों को आग के हवाले कर दिया गया था जबकि Police बेबस नजर आ रही थी. उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और इस मुद्दे पर खुलकर बोलने के अपने फैसले का बचाव भी किया.

उन्होंने कहा कि Government ने आंदोलनकारियों की 13 में से 12 मांगें मान ली थीं लेकिन एक मांग कानून के दायरे से बाहर थी. भुजबल ने सवाल उठाया कि प्रदर्शनकारियों को संतुष्ट करने के लिए Government कानूनी सीमाओं से कितनी दूर तक जा सकती है.

उन्होंने कहा कि मराठा समाज के लिए आवंटित की जा रही योजनाओं और निधियों का लाभ अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय को भी समान रूप से मिलना चाहिए ताकि उनके हितों की रक्षा हो सके. उन्होंने Government को याद दिलाया कि महायुति गठबंधन को 60 से 70 प्रतिशत ओबीसी मतदाताओं का समर्थन मिला था.

इस दावे को खारिज करते हुए कि जरांगे पाटिल ने चुनावों में पूर्व Chief Minister एकनाथ शिंदे की मदद की थी, भुजबल ने महायुति की जीत का श्रेय Government की कल्याणकारी योजनाओं, विशेषकर लाडकी बहिन योजना और अजीत पवार तथा देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व को दिया.

उन्होंने कहा कि जरांगे पाटिल ने पहले उम्मीदवार उतारे, बाद में उन्हें वापस लिया और विशेष रूप से येवला सीट पर उन्हें हराने की कोशिश की लेकिन इसके बावजूद वह चुनाव जीतने में सफल रहे.

अन्य Political मुद्दों पर बोलते हुए भुजबल ने कहा कि राज्य का वित्त विभाग आदर्श रूप से फिर से एनसीपी के पास आना चाहिए. उन्होंने धनंजय मुंडे को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने का भी समर्थन किया और उन्हें एक बड़े समुदाय का प्रभावशाली नेता बताया. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा.

एएमटी/पीएम

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