मराठा आंदोलन के बीच महाराष्ट्र सरकार का फैसला, शिक्षा-रोजगार के लिए जारी किए 4 अहम आदेश

Mumbai /जालना, 7 सितंबर . Maharashtra Government ने जालना के अंतरवाली सराटी में मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल की भूख हड़ताल के Monday को लगातार 10वें दिन में प्रवेश करने के साथ ही मराठा, कुनबी और सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों (एसईबीसी) के लिए शिक्षा, वित्त और रोजगार से जुड़े बड़े लाभ देने वाले चार अहम Governmentी आदेश (जीआर) और आधिकारिक निर्देश जारी किए.

तकनीकी शिक्षा निदेशालय (डीटीई) ने राज्य भर के सभी डिविजनल ऑफिस और यूनिवर्सिटी को तत्काल निर्देश जारी किए. 2026-27 शैक्षणिक वर्ष से, मराठा समुदाय के छात्रों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के बराबर सभी शैक्षिक रियायतें और लाभ मिलेंगे.

उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग ने आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (ईबीसी), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्‍ल्‍यू) और एसईबीसी श्रेणियों के छात्रों के लिए हॉस्टल रखरखाव भत्ते के लंबित भुगतान के लिए 200 करोड़ रुपए मंजूर और जारी किए. विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान अतिरिक्त मांगों के माध्यम से इन फंड को मंजूरी दी गई और आवंटित किया गया.

योजना विभाग ने सामाजिक न्याय विभाग की नीति के अनुरूप छत्रपति शाहू महाराज रिसर्च, ट्रेनिंग एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (सारथी) द्वारा संचालित विदेशी स्कॉलरशिप फ्रेमवर्क में संशोधन किया है.

अपडेट किए गए नियमों के तहत, ट्यूशन फीस अब सीधे विदेशी यूनिवर्सिटी को भेजी जाएगी, जिससे लाभ की राशि पर लगी ऊपरी सीमा प्रभावी रूप से खत्म हो जाएगी. छात्रों को 1,500 डॉलर (यूके के छात्रों के लिए 1,100 पाउंड जीबीपी) का अतिरिक्त वार्षिक रहने/आकस्मिक खर्च का भत्ता मिलेगा. चयन अब क्‍यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग पर आधारित संशोधित मेरिट प्रक्रिया के अनुसार होगा.

सारथी, पुणे ने 1,440 मराठा और कुनबी युवाओं के लिए विशेष लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी), हैवी मोटर व्हीकल (एचएमवी), और कंडक्टर ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च सर्विसेज (आईडीटीआरएस) पिंपरी-चिंचवड़ के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं. 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस प्रोग्राम के तहत कम से कम 1,000 लाभार्थियों के लिए रोजगार या स्वरोजगार सुनिश्चित करना अनिवार्य है.

इसी बीच, जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने हैदराबाद गजेटियर के आधार पर कुनबी रिकॉर्ड के वेरिफिकेशन में तेजी लाने के लिए मराठवाड़ा के डिविजनल कमिश्नरों और जिला अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग बुलाई.

छत्रपति संभाजीनगर के जिला कलेक्टर ने पुष्टि की कि पहचाने गए सभी रिकॉर्ड मोबाइल डिवाइस पर आम जनता के देखने के लिए आधिकारिक जिला वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं. अन्य जिला कलेक्टरों को भी ऐसा ही करने का निर्देश दिया गया है.

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वेरिफाई किए गए गांव-विशिष्ट रिकॉर्ड सीधे संबंधित ग्राम पंचायतों के नोटिस बोर्ड पर प्रकाशित करें.

इस बीच, मनोज जरांगे पाटिल ने Monday को Maharashtra के सभी जिलों के मराठा समुदाय से अपील की कि वे 12 सितंबर को जालना जिले के अंतरवाली सराटी में एक अहम रणनीतिक बैठक के लिए इकट्ठा हों और तुरंत Mumbai की ओर न बढ़ें.

उन्होंने व्यक्तिगत उपस्थिति के महत्व पर जोर देते हुए राज्य के हर कोने—सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, नवी Mumbai और Mumbai से लेकर नागपुर, कोल्हापुर, नांदेड़, सांगली, सतारा, हिंगोली, परभणी, लातूर, धाराशिव, बीड, जालना और छत्रपति संभाजीनगर तक के समुदाय के सदस्यों से आग्रह किया कि वे घर से अपडेट देखने के बजाय बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल हों.

मनोज जरांगे ने कहा कि Mumbai मार्च की अंतिम तारीख और योजना को 12 सितंबर की बैठक के दौरान तय किया जाएगा. आने वाली भीड़ को समायोजित करने के लिए बैठने की व्यवस्था, एलईडी स्क्रीन और साउंड सिस्टम सहित बड़े पैमाने पर इंतजाम किए जा रहे हैं, चाहे उपस्थिति हजारों में हो या लाखों में.

मौजूदा तनाव के लिए Chief Minister देवेंद्र फडणवीस और उपChief Minister एकनाथ शिंदे को जिम्मेदार ठहराते हुए मराठा कोटा समर्थक कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने Police विभाग को दोषमुक्त किया और दोहराया कि आंदोलन की शिकायत पूरी तरह से Maharashtra Government से है, न कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों से.

प्रदर्शनकारियों को सलाह दी गई कि अगर Police कार्रवाई का सामना करना पड़े तो वे घबराएं नहीं, भागें नहीं, या भगदड़ न मचाएं. मनोज जरांगे पाटिल ने समर्थकों को शांति बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में कानून प्रवर्तन कर्मियों को निशाना न बनाया जाए या परेशान न किया जाए.

उन्होंने राज्य प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए घोषणा की कि अगर Mumbai की ओर बढ़ते हुए किसी भी मराठा प्रदर्शनकारी को चोट लगती है, तो 10 मिनट के भीतर पूरे राज्य में पूर्ण बंद (Maharashtra बंद) लागू कर दिया जाएगा.

राज्य Government पर बढ़ते दबाव के बीच 12 सितंबर को होने वाली बैठक में मराठा आरक्षण आंदोलन के अगले बड़े चरण के बारे में फैसला होने की उम्मीद है.

एएसएच/डीकेपी

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