‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने किया प्रतापगढ़ के आंवले का जिक्र, बताया कैसे बना किसानों और महिलाओं के लिए आय का माध्यम

New Delhi, 27 सितंबर . Prime Minister Narendra Modi ने Sunday को अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया. इस बार के एपिसोड में उन्होंने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के आंवले की भी चर्चा की और बताया कि कैसे एक पारंपरिक फल आत्मनिर्भर India और वोकल फॉर लोकल अभियान को मजबूती दे रहा है.

पीएम मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा, “आंवला हम सभी के लिए बहुत जाना-पहचाना है. ज्यादातर घरों में इससे बने आचार और मुरब्बे का प्रयोग होता है. बहुत से लोग आंवले का जूस पसंद करते हैं और सर्दियों में च्यवनप्राश हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन जाता है. हमारे बड़े-बुजुर्ग तो पीढ़ियों से आंवले के गुणों के बारे में बताते आए हैं.”

उन्होंने कहा कि यही जाना-पहचाना आंवला आज उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में नई संभावनाओं का माध्यम बन रहा है. प्रतापगढ़ और आंवले का रिश्ता बहुत पुराना है. पीढ़ियों से यहां के किसान आंवले की खेती कर रहे हैं. आंवले ने प्रतापगढ़ को एक मजबूत पहचान दी है और अब यही पुरानी पहचान यहां के किसानों और महिलाओं के लिए नए अवसर लेकर आ रही है.

उन्होंने बताया कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के माध्यम से आंवले से जुड़े स्थानीय उद्यमों को बड़ा बढ़ावा मिला है. वर्तमान में प्रतापगढ़ में आंवला प्रोसेसिंग से जुड़ी करीब 100 यूनिट काम कर रही हैं. इन यूनिट्स में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं बड़ी भूमिका निभा रही हैं.

पीएम मोदी ने दो महिला समूहों का विशेष रूप से जिक्र किया. उन्होंने कहा, “ऐसा ही एक समूह है देवगढ़ कमासिन गांव का सावित्री फुले सेल्फ हेल्प ग्रुप. इससे जुड़ी महिलाएं आंवले से कैंडी, मुरब्बा और जूस बना रही हैं. ओडीओपी से नए बाजारों तक पहुंच बढ़ने से उनकी आय में भी बढ़ोतरी हुई है. इसी तरह एक अन्य गांव में सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाएं आंवले का आचार और डाइजेस्टिव पाउडर जैसी कई चीजें तैयार कर रही हैं.”

उन्होंने कहा कि इन महिलाओं को प्रोसेसिंग के लिए आधुनिक मशीनरी मिली, लोन की सुविधा मिली और स्थानीय व्यापार मेले से जुड़ने का अवसर भी मिला. देखते ही देखते उनकी आय में काफी बढ़ोतरी हुई और वे आत्मनिर्भर बन रही हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश के हर क्षेत्र में कोई न कोई विशेषता जरूर है. कहीं कोई खास फल है, कहीं कोई पारंपरिक कला है तो कहीं कोई अनोखा हुनर है. ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ इन्हीं विशेषताओं को आगे बढ़ाने का अभियान है.

उन्होंने देशवासियों से अपील की कि हमारा प्रयास यही होना चाहिए कि हमारे गांव और छोटे शहरों की ये पहचान सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित न रहे. यह देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचे और दुनिया के बाजारों तक भी पहुंचे. इससे वोकल फॉर लोकल अभियान को भी बल मिलता है और यह देश को आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा भी देता है.

अंत में Prime Minister ने कहा कि आने वाले त्योहारों में भी हमें वोकल फॉर लोकल के मंत्र को कभी नहीं भूलना है.

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पीआईएम/पीएम

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