
पुणे, 27 सितंबर . Union Minister मुरलीधर मोहोल ने Sunday को जनसंपर्क कार्यालय में एनडीए कार्यकर्ताओं के साथ ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 138वां एपिसोड सुना. उन्होंने कहा कि दुनिया में शायद ही ऐसा उदाहरण देखने को मिलता है, जहां देश का प्रमुख नियमित रूप से जनता से सीधे संवाद करता हो.
उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी के कार्यकाल में ‘मन की बात’ के माध्यम से हर महीने के आखिरी Sunday को देशवासियों से संवाद किया जाता है और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों तथा प्रेरणादायी पहलों को सामने लाया जाता है. Prime Minister अपने संबोधन में देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे सकारात्मक कार्यों और सामाजिक पहलों की जानकारी देशवासियों तक पहुंचाते हैं. इससे लोगों को प्रेरणा मिलती है और समाज में जनभागीदारी की भावना मजबूत होती है.
उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ के दौरान Prime Minister ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के कार्यों की सराहना की. देशभर में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं संगठित होकर विभिन्न व्यवसाय कर रही हैं और अपने परिवार के साथ-साथ समाज की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान दे रही हैं.
मोहोल ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं.
मोहोल ने Prime Minister के पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना केवल Government की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है. Prime Minister ने पेड़-पौधों और वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया.
Union Minister मोहोल ने कहा कि Prime Minister ने असम के सोनाई रूपई अभयारण्य में हाथियों की वापसी, ‘पिग्मी हॉग’ के संरक्षण और सुंदरबन में महिलाओं द्वारा मैंग्रोव वनों के संरक्षण जैसे उदाहरणों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन को सुरक्षित रखना आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है.
उन्होंने बताया कि Prime Minister ने स्वच्छता को लेकर भी देशवासियों को संदेश दिया. महात्मा गांधी की जयंती से पहले नदियों, कुओं, समुद्र तटों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई के लिए युवाओं द्वारा किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया गया. Prime Minister ने कहा कि जब किसी व्यक्ति की पहल को समाज का समर्थन मिलता है तो वह जनआंदोलन का रूप ले लेती है. स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ते हुए उन्होंने इसे महात्मा गांधी को दी जाने वाली सुंदर श्रद्धांजलि बताया.
आगामी त्योहारों के मद्देनजर Prime Minister ने ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश को दोहराते हुए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान किया. मोहोल ने कहा कि ‘एक जिला, एक उत्पाद’ जैसी पहल स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक कलाओं और ग्रामीण हुनर को देश और दुनिया के बाजार तक पहुंचाने में मदद कर सकती है. इससे स्थानीय उद्यमियों, किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी मदद मिलेगी.
Prime Minister ने सितंबर में मनाए गए ‘पोषण माह’ का उल्लेख करते हुए कुपोषण के खिलाफ अभियान को जनआंदोलन बनाने की जरूरत बताई. छत्तीसगढ़, Maharashtra और मिजोरम सहित विभिन्न राज्यों में पोषण से जुड़ी पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्वस्थ और सुपोषित India के निर्माण में जनभागीदारी के महत्व पर जोर दिया. इसके साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए ‘नशा-मुक्त युवा अभियान’ का दायरा बढ़ाने का आह्वान किया गया.
Maharashtra में सूखे की स्थिति को लेकर मोहोल ने कहा कि मराठवाड़ा और विदर्भ सहित राज्य के कई हिस्सों में किसान संकट का सामना कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में किसानों और आम लोगों के साथ खड़ा रहना Government की जिम्मेदारी है.
मोहोल ने कहा कि Maharashtra Government ने प्रभावित क्षेत्रों में सूखा घोषित किया है और राहत पैकेज तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है. उन्होंने Chief Minister की संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य Government का प्रयास है कि सूखे से प्रभावित किसानों और नागरिकों को आवश्यक राहत उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने कहा कि Government पैकेज के माध्यम से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए काम कर रही है.
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एसएके/वीसी