
Bhopal , 5 अक्टूबर . Madhya Pradesh में वायु सेवा के क्षेत्र में विकास का सिलसिला जारी है, राज्य में आठ हवाई अड्डे हैं, जिनकी संख्या जल्दी बढ़कर 10 हो जाएगी. इसके साथ ही 20 से अधिक एयरस्ट्रिप और 220 हेलीपैड हैं. राज्य के लोगों को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के साथ ही आपातकालीन सेवाओं, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने के लिए एयरपोर्ट, एयरस्ट्रिप और हेलीपैड के नेटवर्क का नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत विस्तार किया जा रहा है.
प्रदेश में एयरपोर्ट बढ़कर 8 हो गए हैं और शीघ्र ही इनकी संख्या 10 हो जाएगी. वहीं, दूसरी ओर प्रदेश से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की संख्या भी निरंतर बढ़ रही है. पहले Dubai और अब अबूधाबी के साथ इंदौर का हवाई संपर्क स्थापित हुआ है. सिंहस्थ-2028 के लिए भी दताना-मताना एयरपोर्ट का विस्तार हो रहा है. नए एयरपोर्ट के विकास, सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड का निर्माण और पीएमश्री एयर एम्बुलेंस एवं पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा से प्रदेश में हवाई सुविधाएं अधिक सुगम और व्यापक हो रही हैं.
Madhya Pradesh में वर्तमान में 8 एयरपोर्ट, 20 से अधिक एयरस्ट्रिप और 220 हेलीपैड हैं. वर्ष 2023-24 में प्रदेश में 5 प्रमुख एयरपोर्ट इंदौर, Bhopal , जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो संचालित थे. वर्ष 2024-25 में रीवा, दतिया और सतना को जोड़कर एयरपोर्ट की संख्या 8 हो गई है. उज्जैन और शिवपुरी में एयरपोर्ट के विकास का कार्य प्रगति पर है. प्रदेश में हवाई सुविधाओं को और व्यापक बनाने के लिए हर 150 किलोमीटर पर एयरपोर्ट, हर 75 किलोमीटर पर एयरस्ट्रिप और हर 45 किलोमीटर पर हेलीपैड विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है.
प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में स्थायी हेलीपैड विकसित करने की योजना है. प्रदेश में पांच नए एयरपोर्ट के विकास की स्वीकृति केंद्र Government के स्तर पर प्रक्रियाधीन है. इनमें सिंगरौली को प्राथमिकता दी गई है. इसके साथ ही उड़ान योजना के अंतर्गत प्रदेश की 10 एयरस्ट्रिप को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है. इनमें सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल शामिल हैं.
प्रदेश में 29 मई 2024 से पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा संचालित की जा रही है. आयुष्मान कार्डधारियों को प्रदेश में और प्रदेश से बाहर शासकीय और आयुष्मान योजना से संबद्ध अस्पतालों तक निःशुल्क हवाई परिवहन की सुविधा उपलब्ध है. गैर-आयुष्मान हितग्राहियों को प्रदेश के शासकीय अस्पताल तक निःशुल्क और प्रदेश के बाहर निर्धारित दरों पर सेवा उपलब्ध कराई जाती है.
प्रदेश में परिवहन के लिए जिला कलेक्टर और प्रदेश के बाहर परिवहन के लिए चिकित्सा शिक्षा संचालक की अनुमति की आवश्यकता होगी. भुगतान वाले मामलों में स्वास्थ्य सेवा संचालनालय के माध्यम से उपलब्धता के आधार पर सेवा दी जाती है. अब तक 186 मरीजों एवं दुर्घटना पीड़ितों को इस सेवा का लाभ दिया गया है.
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एसएनपी/डीकेपी