
Bhopal , 9 अक्टूबर . कांग्रेस की Madhya Pradesh इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने Chief Minister मोहन यादव को पत्र लिखकर नाइट क्लब, रेस्टोरेंट और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े कथित आबकारी घोटाले की एसआईटी से निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है.
कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने Chief Minister को लिखे गए पत्र में कहा कि नाइट क्लब, रेस्टोरेंट और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े एक हजार करोड़ रुपये के कथित घोटाले के आरोपी मोहित गोगिया ने जांच एजेंसियों को दिए बयान में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं. पूछताछ में उसने पूर्व आईएएस अधिकारी सीपी रायचुरा और तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त टीपी रायचुरा पर वर्ष 2024-25 में ठेकेदारों को टेंडर जारी करने और शराब दुकानों के ठेके दिलाने के लिए कथित तौर पर एक करोड़ रुपये लेने के आरोप लगाए हैं.
उन्होंने कहा कि Madhya Pradesh की आबकारी व्यवस्था और Government की पारदर्शिता पर लगातार गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. आरोपों की सच्चाई जांच का विषय है, लेकिन उनकी गंभीरता को देखते हुए Government की चुप्पी और केवल औपचारिक सफाई पर्याप्त नहीं है. जीतू पटवारी ने Chief Minister से सवाल किया कि प्रदेश में Governmentी ठेकों का आवंटन नियमों के अनुसार हो रहा है या सत्ता के प्रभाव और कथित लेन-देन के सहारे?
उन्होंने आरोप लगाया कि मोहित गोगिया ने Bhopal के कई कारोबारियों के नाम भी लिए हैं, जिनके संबंध वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनेताओं से बताए जा रहे हैं. ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है. जीतू पटवारी ने Chief Minister से मांग की हैं कि पूरे प्रकरण की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र एसआईटी से कराई जाए. शराब ठेकों की निविदा प्रक्रिया, बैंक एफडीआर, टेंडर और कथित वित्तीय लेन-देन की निष्पक्ष जांच हो.
जीतू पटवारी ने Chief Minister से मांग की है कि कथित 50-50 लाख रुपये के भुगतान और अन्य संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से संबंधित बैंक खातों एवं वित्तीय अभिलेखों की जांच की जाए. जांच के दौरान साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए और जांच प्रभावित होने की आशंका वाले अधिकारियों की भूमिका की नियमानुसार समीक्षा हो. जांच की समय-सीमा और कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक की जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो.
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों पर Government की विश्वसनीयता केवल बयान देने से नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच कराने से साबित होती है. Madhya Pradesh की जनता को आश्वासन नहीं, जवाब चाहिए.
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एसएनपी/एसके