मध्य प्रदेश: अवैध शराब मामले में लापरवाही पर सरकारी अधिकारी और दो आरक्षक निलंबित

Bhopal , 2 नवंबर . Madhya Pradesh के देवास जिले के खातेगांव क्षेत्र में अवैध शराब परिवहन के मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में आबकारी विभाग ने सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह वाघेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, वाघेल वर्तमान में हरदा जिले के टिमरनी सर्किल में पदस्थ थे. प्रारंभिक जांच में उनकी निगरानी और निरीक्षण संबंधी जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है.
आबकारी आयुक्त ने इसी मामले में दो आरक्षकों अरुण कुमरे और कृष्णपाल सिंह डोडियार को भी निलंबित कर दिया है.
एक अन्य कार्रवाई में हरदा कलेक्टर ने लाइसेंसधारी पतेन्द्र जायसवाल द्वारा संचालित टिमरनी की तीन शराब दुकानों के लाइसेंस भी निलंबित कर दिए हैं. ये दुकानें सोडालपुर रोड, रहतगांव और हरदा रोड पर स्थित हैं.
यह कार्रवाई देवास जिले के खातेगांव क्षेत्र में अवैध रूप से शराब के परिवहन से जुड़े एक गंभीर मामले के बाद की गई है. अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि निगरानी और निरीक्षण में कथित लापरवाही के कारण अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा सका.
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब कारोबार पर रोक लगाने से संबंधित जिम्मेदारियों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
सहायक जिला आबकारी अधिकारी और दोनों आरक्षकों का निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. मामले की आगे की जांच जारी है.
अधिकारी घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला और उन प्रशासनिक व निगरानी संबंधी चूकों की जांच कर रहे हैं, जिनकी वजह से यह मामला सामने आया.
टिमरनी में तीन शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित किया जाना भी इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है.
अधिकारियों ने कहा कि विभाग अवैध शराब कारोबार पर अंकुश लगाने और सभी स्तरों पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
जांच के दौरान यदि और अनियमितताएं सामने आती हैं तो आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कार्रवाई भी की जाएगी.
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एएमटी/पीएम


