
चेन्नई, 7 अक्टूबर . मद्रास हाई कोर्ट ने Wednesday को तिरुवनमलाई जिले की एक झील से कथित अवैध रेत खनन से जुड़े मामले में तमिलनाडु के पूर्व मंत्री ईवी वेलू और उनके बेटे ईवी कुमारन को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया.
न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने उनकी एकतरफा अंतरिम रोक की याचिका खारिज कर दी और सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-विरोधी निदेशालय (डीवीएसी) को 6 नवंबर तक जवाब देने का निर्देश दिया.
पिता और पुत्र ने 24 सितंबर को दर्ज First Information Report को रद्द करने के लिए अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं.
मामला इस आरोप से संबंधित है कि 14 दिसंबर, 2025 को डीएमके के उत्तर क्षेत्र युवा विंग के सम्मेलन के आयोजन स्थल को समतल करने के लिए मलप्पामबाड़ी झील से 45,72,058 घन फीट रेत निकाली गई थी.
अरप्पोर इयक्कम के जयराम वेंकटेशन ने शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग आठ एकड़ में फैले इस जलाशय की खुदाई से Governmentी खजाने को 8.22 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है.
शिकायत के अनुसार, रेत का उपयोग उस कंपनी की जमीन को समतल करने के लिए किया गया था जिसमें कुमारन निदेशक थे.
कथित खुदाई नवंबर 2025 के आसपास हुई थी.
विधानसभा में डीएमके के वर्तमान व्हिप, 76 वर्षीय वेलू और 48 वर्षीय कुमारन ने किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है.
अपनी याचिका में वेलू ने इस बात पर जोर दिया कि यह मामला मई 2026 में टीवीके Government के सत्ता में आने के बाद दर्ज किया गया था.
उन्होंने इसे अरप्पोर इयक्कम की शिकायत के बाद उनके खिलाफ शुरू किया गया दूसरा डीवीएसी मामला बताया.
उन्होंने राजमार्ग निर्माण से संबंधित पहले मामले को पहले ही चुनौती दे दी है.
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एमएस/