
इंफाल, 9 अक्टूबर . मणिपुर के कामजोंग जिले में असम राइफल्स और भारतीय सेना ने संयुक्त अभियान चलाकर 27 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का पता लगाया और उन्हें सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया. करीब 8 किलोमीटर लंबे पहाड़ी मार्ग पर 48 घंटे तक चले खुफिया सूचना आधारित अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने झाड़ियों में छिपाकर रखे गए इन विस्फोटक उपकरणों को बरामद किया.
इसके अलावा, सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों में प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है. वहीं, एक संदिग्ध ड्रग तस्कर को भी पकड़ा गया है. अधिकारियों ने Friday को यह जानकारी दी.
रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, असम राइफल्स और भारतीय सेना की बम निरोधक टीमों ने कामजोंग जिले में शांगखालोक-पिलोंग मार्ग पर अभियान चलाया. इस दौरान पहाड़ी रास्ते के किनारे झाड़ियों में छिपाकर रखे गए 27 आईईडी का पता लगाया गया और उन्हें सुरक्षित रूप से निष्क्रिय किया गया.
अभियान के दौरान विस्फोटकों का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों के साथ विशेष इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का भी इस्तेमाल किया गया. रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से इलाके में शांति और सुरक्षा भंग करने की कोशिशों को नाकाम करने में मदद मिली. साथ ही, सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में भी मदद मिली.
म्यांमार से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक स्थित पहाड़ी जिलों में सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए इस अभियान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
कामजोंग के अलावा मणिपुर के चुराचांदपुर, तेंगनौपाल, चंदेल और उखरुल जिले भी म्यांमार के साथ लगते हैं. इन पांच जिलों में कुल 398 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जिस पर बाड़ नहीं लगी है. इस वजह से क्षेत्र में सीमा पार अवैध गतिविधियों की आशंका बनी रहती है और सुरक्षा बलों के सामने कई चुनौतियां आती हैं.
इस बीच, सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों में प्रतिबंधित कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) और पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेइपाक (प्रीपाक) से जुड़े तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया. अधिकारियों के अनुसार, ये गिरफ्तारियां इंफाल पूर्वी जिले में अलग-अलग अभियानों के दौरान की गईं.
वहीं, एक अन्य कार्रवाई में चुराचांदपुर जिले के तुइदाम गांव निवासी 35 वर्षीय नगमखोजांग किपगेन को संदिग्ध ड्रग तस्करी के आरोप में पकड़ा गया. उसके पास से साबुन की 60 डिब्बियों में छिपाकर रखा गया कुल 785 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद होने का आरोप है.
एक अन्य अभियान में मणिपुर Police और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर इंफाल पश्चिम जिले के वांगोई Police थाना क्षेत्र में वैशन नदी के किनारे तलाशी अभियान चलाया.
इस दौरान एक 7.62 एमएम सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर), एक मैगजीन, एक सिंगल-बैरल ब्रीच-लोडिंग हथियार, अलग-अलग प्रकार के नौ जिंदा कारतूस और तीन वायरलेस संचार सेट बरामद किए गए.
Police अधिकारी के अनुसार, बरामद हथियारों, गोला-बारूद और संचार उपकरणों की जांच की जा रही है. इसका उद्देश्य राज्य में सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क की पहचान करना और उन्हें खत्म करने के प्रयासों को तेज करना है.
मणिपुर में केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की ओर से उग्रवादियों तथा अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी हैं. विभिन्न जिलों के संवेदनशील, मिश्रित आबादी वाले और सीमावर्ती इलाकों में तलाशी अभियान तथा क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए गश्त की जा रही है.
इन अभियानों का उद्देश्य उग्रवादी गतिविधियों पर रोक लगाना, अवैध हथियारों और गोला-बारूद की बरामदगी करना, हिंसा प्रभावित राज्य में शांति बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
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डीएससी