
इंफाल, 30 अगस्त . मणिपुर के Chief Minister युमनाम खेमचंद सिंह ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे अपनी शिकायत जाहिर करने के लिए बंद या नाकेबंदी न करें, क्योंकि इससे कभी-कभी अनचाही हिंसक घटनाएं हो जाती हैं. उन्होंने उनसे इसके बजाय लोकतांत्रिक विरोध के अन्य तरीके अपनाने का आग्रह किया.
New Delhi रवाना होने से पहले सीएम युमनाम खेमचंद सिंह ने Sunday को बताया कि मणिपुर Government और केंद्र Government मणिपुर के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, इसलिए बंद बुलाने से उनका मकसद पूरा नहीं होगा, और इसके बजाय लोगों को और अधिक कठिनाई होगी.
उन्होंने 14 सीएसओ (नागरिक समाज संगठनों) के नेताओं और विधायकों के प्रतिनिधिमंडल की भूमिका की सराहना की, जिन्होंने हाल ही में केंद्रीय नेताओं और अधिकारियों से मिलकर राज्य में एनआरसी लागू करने के लिए New Delhi में अभियान चलाया था. उन्होंने कहा कि उनके अभियान का New Delhi में सकारात्मक असर हुआ है.
खेमचंद सिंह ने कहा कि बंद के दौरान सबसे ज्यादा नुकसान दिहाड़ी मजदूरों और छात्रों को होता है. बंद के दौरान सब्जी बेचने वाली महिलाओं को बहुत परेशानी होती है, क्योंकि वे रोजाना अपनी उपज बेचकर अपनी आजीविका चलाती हैं और उनके काम में रुकावट से उनके परिवारों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है.
उन्होंने कहा कि छात्रों को भी बहुत नुकसान होता है, क्योंकि बंद के कारण उनका सामान्य शैक्षणिक माहौल बाधित होता है. यह कहते हुए कि छात्र समाज के भविष्य के स्तंभ हैं, उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वे राज्य में शैक्षणिक कैलेंडर को बाधित न करें.
Chief Minister ने उन प्रदर्शनकारियों को भी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी, जो कानून तोड़कर अराजक स्थिति पैदा करने की कोशिश करते हैं. उन्होंने कहा कि वे शीर्ष केंद्रीय नेताओं से मिलने और राज्य के विभिन्न मौजूदा मुद्दों पर चर्चा करने के लिए New Delhi जा रहे हैं.
Chief Minister ने कहा कि तीन साल से अधिक समय के बाद इंफाल, दीमापुर और गुवाहाटी के बीच सड़क परिवहन सेवा बिना किसी परेशानी के फिर से शुरू हो गई है. इंफाल-दीमापुर-गुवाहाटी बस सेवा निश्चित रूप से उन गरीब लोगों का बोझ कम करेगी, जिन्हें इंफाल से गुवाहाटी तक के लिए महंगा हवाई किराया देना पड़ता था.
–
डीकेएम/डीकेपी