भोपाल में विरोध-प्रदर्शन के दौरान आदिवासी छात्रों के साथ दुर्व्यवहार करने पर एसएचओ सस्पेंड

Bhopal , 14 अक्टूबर . Bhopal में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान आदिवासी छात्रों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोपों के बाद मिसरोद Police स्टेशन के एसएचओ रतन सिंह परिहार को सस्पेंड कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं.
यह कार्रवाई Chief Minister मोहन यादव के दखल के बाद की गई, जब यह घटना उनके संज्ञान में आई. Chief Minister ने कथित दुर्व्यवहार के लिए इंस्पेक्टर को प्रथमदृष्टया जिम्मेदार मानते हुए उन्हें तुरंत सस्पेंड करने का आदेश दिया और मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए.
मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने Wednesday को कहा कि Chief Minister ने घटना का गंभीरता से संज्ञान लिया है और Police अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं. जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
Chief Minister के आदेश के बाद, Bhopal Police कमिश्नर ने Wednesday को घटना से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाने के लिए परिहार के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए.
यह घटना Tuesday को हुई जब गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के छात्र विंग ने Bhopal में आदिवासी छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था.
विरोध प्रदर्शन के दौरान जब छात्रों ने ‘जय जोहार’ का नारा लगाया, जो आदिवासी संस्कृति और पहचान से जुड़ा एक पारंपरिक अभिवादन है, तो एसएचओ कथित तौर पर आपा खो बैठे.
social media पर वायरल हुए घटना के एक वीडियो में इंस्पेक्टर को कथित तौर पर छात्रों के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करते और उन्हें पीटने की धमकी देते हुए देखा जा सकता है.
इस वीडियो के बाद आदिवासी विधायकों और संगठनों ने कार्रवाई की मांग की जबकि विपक्षी दल कांग्रेस ने भी Police अधिकारी के कथित व्यवहार की आलोचना की.
विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने इंस्पेक्टर के खिलाफ First Information Report दर्ज करने सहित सख्त कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि Policeकर्मियों से नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने और संविधान का सम्मान करने की उम्मीद की जाती है, न कि अपने पद का इस्तेमाल लोगों को अपमानित करने के लिए करने की.
social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सिंघार ने ‘जोहार’ का नारा लगाने पर आदिवासी छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर अपशब्दों के इस्तेमाल को गंभीर और निंदनीय बताया.
उन्होंने कहा, “जोहार कोई गाली नहीं बल्कि आदिवासी संस्कृति, पहचान, आत्म-सम्मान और गौरव का प्रतीक है” और कहा कि यह अभिवादन प्यार, सम्मान और भाईचारे का संदेश देता है.
उमंग सिंघार ने कहा कि आदिवासी संस्कृति और पहचान का कोई भी अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने राज्य Government से इसमें शामिल Policeकर्मियों के व्यवहार के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया.
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एससीएच/पीएम


