‘मुस्कुराइए, आज से आप भारत के नागरिक हैं’, राजकोट में 319 लोगों को मिली भारतीय नागरिकता

राजकोट, 15 अक्टूबर . ‘आज मुस्कुराइए, आप सभी India के नागरिक हैं.’ Gujarat के उपChief Minister हर्ष संघवी के इन शब्दों के साथ ही राजकोट के प्रमुख स्वामी ऑडिटोरियम में मौजूद 319 लोगों की आंखें नम हो गईं. कई लोग खुशी से रोने लगे. मौका था भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र वितरण समारोह का.
राजकोट जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस समारोह में Pakistan से प्रताड़ना झेलकर India आए 319 बेघर परिवारों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र दिए गए. इनमें राजकोट जिले के 259, मोरबी के 53, कच्छ के 6 और सुरेंद्रनगर जिले के 1 व्यक्ति शामिल है.
समारोह को संबोधित करते हुए उपChief Minister हर्ष संघवी ने कहा कि आज इन परिवारों के लिए दिवाली जैसा दिन है. उन्होंने कहा, “भारतीय नागरिकता पाने वाले 319 बेघर परिवारों के लिए आज दिवाली का त्योहार है. आज आप सभी के घरों में दिवाली के दीये जल रहे हैं. यह Prime Minister Narendra Modi के पक्के फैसले और सीएए कानून लागू होने की वजह से हुआ है.”
उन्होंने Pakistan से आए परिवारों के दर्द का जिक्र करते हुए कहा कि इन लोगों ने वहां सालों तक अत्याचार सहा है. Pakistan में थारपारकर जैसी जगहों पर महिलाएं घर से बाहर नहीं निकल सकती थीं. उन्होंने कहा कि Pakistan से आई बहनों के लिए आज स्वतंत्रता दिवस है. अब ये नागरिक यहां शांति से रह सकेंगे.
संघवी ने कहा, “मां हिंगलाज ने आपको आशीर्वाद देकर मां अंबा के पास भेजा है. Pakistan के हैदराबाद के रानीबाग में फायरिंग के दौरान हिंदुओं को अपनी जान बचाने के लिए अपने नाम तक बदलने पड़े थे. अब ये भारतीय नागरिक अपनी बाकी जिंदगी अपने असली नामों के साथ इस देश में रह सकेंगे.”
उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि राजकोट के गरबा पास की कीमत Pakistan के पासपोर्ट से ज्यादा है.
इस मौके पर हर्ष संघवी ने राजकोट Police की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि राजकोट में लूट-हत्या के मामले में आरोपियों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार करने का सराहनीय काम किया गया है. राजकोट सिटी Police कमिश्नर, क्राइम ब्रांच और अन्य जिलों की करीब 50 टीमों ने दिन-रात काम कर आरोपियों को जरूरी सामान के साथ गिरफ्तार किया, ताकि लोगों के नवरात्रि और गरबा उत्सव में कोई रुकावट न आए.
समारोह में मौजूद सांसद पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि भारतीय नागरिकता कानून ने शरणार्थियों के जीवन में रोशनी लाई है. उन्होंने कहा, “सीएए किसी की नागरिकता खत्म करने के लिए नहीं, बल्कि सालों पहले अपना वतन छोड़कर आए बेसहारा लोगों को इज्जत से बसाने का इंसानियत वाला कानून है. यह कदम केंद्र Government की मानवता को दर्शाता है.”
उन्होंने इसके लिए Prime Minister मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को बधाई दी.
जनगणना निदेशक सुजल मयात्रा ने बताया कि सीएए के तहत Gujarat में अब तक 1500 से ज्यादा लोगों को नागरिकता दी जा चुकी है. आज नवरात्रि का यह दिन 300 से ज्यादा लोगों के लिए नई उम्मीद और नई पहचान लेकर आया है.
कार्यक्रम के दौरान एक किशोरी ने अपनी बेटियों को सुरक्षा देने के लिए उपChief Minister को धन्यवाद दिया, उनके हाथ पर कुमकुम का तिलक लगाया और राखी बांधी.
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एससीएच/वीसी


