भारत 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य की ओर सही रास्ते पर, स्वीडन की 61 प्रतिशत कंपनियां निवेश बढ़ाना चाहती हैं: स्वीडन राजदूत

New Delhi, 4 नवंबर . India में स्वच्छ ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से हो रहे निवेश की स्वीडन ने सराहना की है. India में स्वीडन की राजदूत पेट्रा मेनेंडर ने Wednesday को कहा कि India सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है और 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि स्वीडन इस क्षेत्र में तकनीक, नवाचार और निवेश के माध्यम से India के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है.
से खास बातचीत में India में निवेश के अवसरों पर बोलते हुए स्वीडन की राजदूत पेट्रा मेनेंडर ने कहा कि हालिया सर्वेक्षणों के अनुसार 61 प्रतिशत स्वीडिश कंपनियां अगले एक वर्ष में India में अपना निवेश बढ़ाने की योजना बना रही हैं. उन्होंने कहा कि यह India की आर्थिक संभावनाओं और निवेश माहौल में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है.
हालांकि उन्होंने किसी विशेष क्षेत्र का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि स्वच्छ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं.
पेट्रा मेनेंडर ने आगे कहा कि India में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे निवेश उत्साहजनक हैं. उन्होंने विशेष रूप से इंटरनेशनल सोलर अलायंस (आईएसए) के जरिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने में India की भूमिका की सराहना की. उन्होंने कहा, “India केवल अपने लिए ही नहीं, बल्कि अन्य देशों को भी सौर ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने में सहायता कर रहा है, जो वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन के लिए महत्वपूर्ण कदम है.”
इस बीच, भारत-जॉर्डन संबंधों को लेकर India में जॉर्डन के राजदूत यूसुफ अब्दुल गनी ने से बात करते हुए कहा, “India और जॉर्डन के बीच संबंध बहुत अच्छे हैं. जॉर्डन हाल ही में ‘इंटरनेशनल सोलर अलायंस’ (अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन) में शामिल हुआ है. Prime Minister Narendra Modi की हालिया जॉर्डन यात्रा के दौरान हमने नवीकरणीय और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं.”
India के साथ ऊर्जा सहयोग पर बात करते हुए यूसुफ अब्दुल गनी ने कहा, “हम भारतीय विशेषज्ञता पर भरोसा कर रहे हैं, क्योंकि इस क्षेत्र में India के पास काफी अनुभव है. हम इस क्षेत्र में और अधिक भारतीय निवेश को आकर्षित करने की भी उम्मीद करते हैं. जॉर्डन में साल में 300 से अधिक दिन धूप रहती है, जिससे भारतीय निवेशकों के लिए सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली पैदा करने के बेहतरीन अवसर मिलते हैं.”
पेट्रा मेनेंडर ने से आगे कहा कि स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी सीख यह है कि केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि नवीकरणीय ऊर्जा स्थिर और भरोसेमंद तरीके से उपभोक्ताओं तक पहुंचे. उनके अनुसार, दीर्घकालिक योजना और ग्रिड स्थिरता किसी भी ऊर्जा परिवर्तन की सफलता के लिए अहम तत्व हैं.
उन्होंने कहा कि India जिस गति से सौर और अन्य स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार कर रहा है, वह सकारात्मक संकेत है और भविष्य में इसके लाभ और स्पष्ट दिखाई देंगे.
ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर पेट्रा मेनेंडर ने कहा कि यह अपेक्षाकृत नई तकनीक है, जिसे विकसित करने और व्यापक स्तर पर उपयोग में लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है. उन्होंने बताया कि स्वीडन पहले ही स्टील उत्पादन जैसे क्षेत्रों में ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक का उपयोग कर रहा है.
उन्होंने कहा कि India और स्वीडन के बीच पिछले चार दशकों से चल रही रिसर्च और इनोवेशन पार्टनरशिप के तहत इस तरह की उभरती प्रौद्योगिकियों पर चर्चा और सहयोग जारी है.
India के 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य पर उन्होंने कहा कि लक्ष्य महत्वाकांक्षी जरूर है, लेकिन India सही दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ यही कहना चाहूंगी कि पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ते रहिए.”
मेनेंडर ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय साझेदारों की भूमिका सही तकनीक उपलब्ध कराने और लागत कम करने में महत्वपूर्ण हो सकती है. उन्होंने कहा कि तकनीकी सहयोग से स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को अधिक किफायती और प्रभावी बनाया जा सकता है.
अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनावों से जुड़े सवाल पर पेट्रा मेनेंडर ने कहा कि वह स्वीडिश Government का प्रतिनिधित्व करती हैं और स्वीडन में फिलहाल नई Government के गठन की प्रक्रिया चल रही है. हालांकि उन्होंने कहा कि स्वीडन हमेशा दुनिया भर में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों का समर्थन करता है और चुनाव परिणामों का निर्णय संबंधित देशों की जनता पर छोड़ना चाहिए.
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