भारत में विरोध प्रदर्शन पर यूएन की राय से अमेरिका नहीं रखता इत्तेफाक, रूबियो बोले – ये इस देश का आंतरिक मामला

Mumbai , 21 अक्टूबर . India दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने India में विपक्ष और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े सवाल पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने इसे India का आंतरिक मामला बताया.
अमेरिकी मीडिया से बातचीत में रूबियो ने अपनी राय व्यक्त की. फॉक्स न्यूज ने Wednesday को इसको प्रसारित किया. जहां उन्होंने यूएन एक्सपर्ट्स पर तंज कसा और India के लोकतांत्रिक व्यवस्था की तारीफ की.
India में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और उस पर यूएन एक्सपर्ट्स की आलोचना को लेकर पूछे गए सवाल पर रूबियो ने हंसते हुए कहा, “यूएन एक्सपर्ट्स… मेरे फेवरेट हैं. यूएन एक्सपर्ट्स खुद में ही एक विरोधाभास है.”
उन्होंने India में चल रहे आंदोलन को आतंरिक मामला बताते हुए आगे कहा, “यह एक घरेलू Political मामला है. मैं उनकी राजनीति में शामिल नहीं होने वाला. यहां लोकतंत्र है, चुनाव होते हैं. मैं उनके घरेलू Political मामलों पर टिप्पणी नहीं करूंगा. ऐसे तो हमारे यहां अमेरिका में हर दिन विरोध प्रदर्शन होते हैं.”
रूबियो ने कहा कि विरोध प्रदर्शन और दंगों में फर्क होता है. बोले, “मैं दंगों की बात नहीं कर रहा, जैसे आप यूरोप में देख रहे हैं जहां तोड़फोड़ हो रही है, इमारतों में घुसा जा रहा है और उन्हें जलाया जा रहा है. कई मायनों में लोगों का बाहर निकलकर अपनी बात रखना इस बात का संकेत है कि यह एक ऐसा देश है जहां Political चर्चा होती है और मतभेद होते हैं.”
उन्होंने क्यूबा का उदाहरण देते हुए कहा, “जैसे आपने कहा कि यहां विपक्ष है, उदाहरण के लिए क्यूबा में ऐसा कोई विपक्ष नहीं है जो जेल गए बिना या दमन और निर्वासन झेले बिना बाहर निकलकर कुछ कर सके. हम आंतरिक Political मामलों पर टिप्पणी नहीं करेंगे; यह India के लोगों को तय करना है.”
अमेरिकी विदेश मंत्री Tuesday को Mumbai पत्नी जेनेट के साथ पहुंचे थे. तय शेड्यूल के अनुसार उनकी शाम को India के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात हुई. दोनों ने रक्षा से लेकर ऊर्जा सुरक्षा को लेकर गहन विमर्श किया. बाद में रूबियो ने पत्रकारों से बात करते हुए माना कि भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील जल्द हो जाएगी.
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केआर/


