भारत में कोयला गैसीकरण को गति देने के लिए 46,000 करोड़ रुपये का निवेश: जी. किशन रेड्डी

New Delhi, 23 अक्टूबर . केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने Friday को कहा कि India में कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को गति दी जा रही है. इसके लिए 46,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है, जिससे देश में उर्वरक और गैस का घरेलू उत्पादन बढ़ाने तथा आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी.
New Delhi में आयोजित ‘अग्रसर India मंच’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि कोयला एक महत्वपूर्ण औद्योगिक कच्चा माल है. Government कोयला गैसीकरण के माध्यम से कोयले को सिंथेटिक गैस (सिनगैस), अमोनिया, यूरिया और मेथनॉल में बदलने की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है. उन्होंने बताया कि कोयला अब भी India की प्राथमिक ऊर्जा जरूरतों का लगभग 55 प्रतिशत पूरा करता है और देश के कुल बिजली उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 74 प्रतिशत है. Government का लक्ष्य निकट भविष्य में व्यावसायिक स्तर पर कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देना है.
Union Minister ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सतही कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने के लिए 37,500 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान वाली योजना को मंजूरी दी है. यह कदम देश में कोयला गैसीकरण कार्यक्रम को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण है. इस योजना का उद्देश्य वर्ष 2030 तक 10 करोड़ टन कोयले के गैसीकरण के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में मदद करना है. इसके जरिए ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी), यूरिया, अमोनिया तथा मेथनॉल जैसे महत्वपूर्ण उत्पादों के आयात पर निर्भरता कम करने की योजना है.
किशन रेड्डी ने कहा कि Government महत्वपूर्ण खनिजों के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ विदेशों में खनन परिसंपत्तियों की तलाश, अन्वेषण और खनिजों के निष्कर्षण पर भी काम कर रही है. उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी), दूरसंचार उपकरणों, सौर ऊर्जा इकाइयों और रक्षा उपकरणों जैसे उच्च तकनीक वाले उत्पादों के निर्माण में महत्वपूर्ण खनिजों की अहम भूमिका है. ऐसे में इनकी आपूर्ति सुनिश्चित करना India के लिए जरूरी है.
मंत्री ने कहा, “हम फिलहाल अर्जेंटीना की खदानों में अन्वेषण कर रहे हैं और साथ ही अन्य देशों के साथ भी बातचीत जारी है.” उन्होंने आगे कहा कि Government भारतीय उद्यमियों को महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण और प्रसंस्करण के लिए विदेशों में काम करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. वर्ष 2025 में खान मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (एमईसीएल) ने अर्जेंटीना के कैटामार्का प्रांत की Government के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे. इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों के अन्वेषण और संसाधन विकास के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाना है.
किशन रेड्डी ने कहा कि लिथियम के विशाल भंडार वाला अर्जेंटीना India के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार है. यह खनिज इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियों और नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के लिए आवश्यक है. Union Minister ने बताया कि Government केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और Odisha में रेयर अर्थ एलिमेंट कॉरिडोर विकसित कर रही है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में India रेयर अर्थ तत्वों के मामले में आत्मनिर्भर बन सकेगा. इस पहल का उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता बढ़ाना, घरेलू औद्योगिक क्षमता को मजबूत करना और रणनीतिक क्षेत्रों में आयात पर निर्भरता कम करना है.
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डीएससी


