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Saturday, 24 October 2026
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गुजरात के किसानों ने ई-नाम के जरिए बेची 3.20 करोड़ क्विंटल उपज, 12,740 करोड़ रुपए का हुआ कारोबार

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Gujarat के किसानों ने ई-नाम के जरिए बेची 3.20 करोड़ क्विंटल उपज, 12,740 करोड़ रुपए का हुआ कारोबार

गांधीनगर, 23 अक्टूबर . Gujarat के किसानों ने राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब तक 3.20 करोड़ क्विंटल से अधिक कृषि उपज बेची है, जिसकी कुल कीमत 12740.60 करोड़ रुपए रही है.

केंद्र Government द्वारा वर्ष 2016 में शुरू किया गया ई-नाम एक ऑनलाइन कृषि व्यापार मंच है, जो कृषि उपज मंडी समितियों को एकीकृत डिजिटल बाजार से जोड़ता है. इसका उद्देश्य किसानों को अधिक खरीदारों तक पहुंच, बेहतर मूल्य और पारदर्शी लेनदेन की सुविधा प्रदान करना है.

Gujarat में ई-नाम प्लेटफॉर्म पर कुल 887865 हितधारक पंजीकृत हैं. इनमें 8,69,922 किसान, 10,291 व्यापारी, 7,191 कमीशन एजेंट और 461 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) शामिल हैं. राज्य की 144 मंडियां इस प्लेटफॉर्म से जुड़ी हुई हैं.

यह प्लेटफॉर्म केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अंतर्गत स्मॉल फार्मर्स एग्रीबिजनेस कंसोर्टियम द्वारा संचालित किया जाता है. इसके जरिए गुणवत्ता आधारित ऑनलाइन नीलामी होती है, जिससे किसानों को मांग और आपूर्ति के आधार पर बेहतर कीमत मिलती है और खरीदार तथा विक्रेता के बीच सूचना का अंतर कम होता है.

ऊना मार्केट कमेटी से जुड़े किसान परबतभाई पटाट पिछले एक वर्ष से ई-नामके माध्यम से मूंगफली बेच रहे हैं. उनका कहना है कि यह प्रक्रिया पारंपरिक मंडियों की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक है. इससे उन्हें हर बिक्री पर 200 से 500 रुपए अतिरिक्त प्राप्त होते हैं, जिससे उनकी कुल आय में लगभग 5 से 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

उन्होंने कहा, “प्रक्रिया काफी तेज है और हमें उपज का अच्छा मूल्य मिलता है. साथ ही भुगतान सीधे बैंक खाते में आने से लेनदेन आसान हो गया है.”

इसी तरह उपलेटा मार्केट कमेटी से जुड़े किसान हर्ष घोडासरा पिछले पांच वर्षों से कपास, मूंगफली और गेहूं की बिक्री ई-नाम के जरिए कर रहे हैं. उनका दावा है कि इस प्लेटफॉर्म से उनकी आय स्थानीय बाजारों की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ी है.

हर्ष ने कहा, “ई-नाम के जरिए ऑनलाइन बिक्री किसानों के लिए बड़ा बदलाव साबित हुई है. व्यापारियों से सीधे संपर्क होने के कारण कमीशन की बचत होती है और भुगतान सीधे खाते में आ जाता है.”

उन्होंने बताया कि करीब दो दशक पहले उनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी, लेकिन ई-नाम से मिलने वाले आर्थिक लाभों के कारण अब वे अपनी उपज ऑनलाइन बेचना अधिक पसंद करते हैं.

ई-नाम का उद्देश्य कृषि उत्पादों की बिक्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है. इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को अधिक खरीदार मिलते हैं और उनकी उपज की गुणवत्ता के आधार पर उचित मूल्य प्राप्त होता है. साथ ही ऑनलाइन भुगतान प्रणाली के कारण बिक्री का पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचता है.

Gujarat में Chief Minister भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य Government कृषि विपणन को डिजिटल बनाने और किसानों को स्थानीय बाजारों से बाहर व्यापक व्यापारिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए ई-नाम को बढ़ावा दे रही है.

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एएमटी/डीकेपी

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