भारत ने दुनिया के सामने अपनी क्षमता और दृढ़ संकल्प प्रदर्शित किया: गृह मंत्री अमित शाह

Ahmedabad, 27 अगस्त . केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने Thursday को Ahmedabad में कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान India की प्रतिक्रिया ने जरूरी मेडिकल सप्लाई के लिए घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता तेजी से विकसित करने की उसकी क्षमता को प्रदर्शित किया.

सिंधु भवन में ट्रोइका फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड द्वारा आयोजित आरवी पटेल फार्मि नोवा अवार्ड्स 2026 समारोह में बोलते हुए, गृह मंत्री शाह ने कहा कि जब महामारी दुनिया भर में फैली, तो India को अपने हेल्थकेयर सिस्टम की क्षमता को लेकर काफी चिंताएं थीं.

हालांकि, देश ने केंद्र, राज्य Governmentों और 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक प्रतिक्रिया के माध्यम से अपनी क्षमताओं और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया.

महामारी के प्रति देश की प्रतिक्रिया को याद करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा, “India ने पूरी दुनिया के सामने अपनी क्षमताओं और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया.”

उन्होंने पहले ‘जनता कर्फ्यू’ का जिक्र किया और कहा कि लोगों ने Prime Minister पर भरोसा करते हुए उनकी अपील का पालन किया.

उन्होंने कहा कि Prime Minister ने विश्वास जताया था कि India महामारी के खिलाफ लड़ाई जीतेगा. शाह ने कहा, “जब देश के लोग संकल्प के साथ एकजुट होकर खड़े होते हैं, तो किसी भी चुनौती से पार पाया जा सकता है.”

उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान India के प्रयास केवल अपनी जरूरतों को पूरा करने तक ही सीमित नहीं थे. देश ने टीके भी बनाए और उन्हें कई अन्य देशों को सप्लाई किया, जिससे बीमारी के खिलाफ व्यापक लड़ाई में योगदान मिला.

उन्होंने कहा, “संकट के दौरान India ने कई क्षेत्रों में तेजी से स्वदेशी क्षमताएं विकसित कीं. महामारी की शुरुआत में, देश में पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) किट का उत्पादन बहुत सीमित था, जबकि एन95 मास्क प्राप्त करना भी मुश्किल था. कम समय में, India ने बड़े पैमाने पर पीपीई किट और मास्क बनाने की क्षमता विकसित की और बाद में इन उत्पादों के एक प्रमुख उत्पादक और निर्यातक के रूप में उभरा.”

उन्होंने घरेलू वैक्सीन निर्माण क्षमताओं के विकास पर भी प्रकाश डाला. शाह के अनुसार, India ने 13 महीनों के भीतर कोवैक्सिन और कोविशील्ड सहित टीके बनाए, जो एक अभूतपूर्व स्वास्थ्य आपातकाल के दौरान देश की वैज्ञानिक और औद्योगिक क्षमता को प्रदर्शित करता है.

उन्होंने कहा, “अनुभव ने दिखाया कि India न केवल अपनी जरूरतों को पूरा कर सकता है बल्कि संकट के समय में अन्य देशों की भी मदद कर सकता है.”

शाह ने महामारी के अनुभव को फार्मास्युटिकल क्षेत्र में अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) के महत्व से भी जोड़ा.

उन्होंने जोर देकर कहा, “फार्मास्युटिकल्स में काम करने वाले संगठनों को तब तक काफी योगदान देने की आवश्यकता होगी जब तक कि India आरएंडडी में आत्मनिर्भर बनने के लिए मजबूत सिस्टम विकसित नहीं कर लेता.”

उन्होंने कहा कि समाज और उद्योग द्वारा शोधकर्ताओं को मान्यता देना भी महत्वपूर्ण है, और कहा कि आरवी पटेल फार्मि नोवा अवार्ड्स जैसे पुरस्कार अनुसंधान में काम करने वालों को प्रोत्साहित और सम्मानित कर सकते हैं.

एससीएच/डीएससी

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