
New Delhi, 12 सितंबर . भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने Saturday को कहा कि India ने ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ में कई महत्वपूर्ण फिनटेक नवाचारों और पहलों को पेश किया है. इससे अधिक भरोसेमंद, कनेक्टेड, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार वित्तीय व्यवस्था के निर्माण के India के दृष्टिकोण को मजबूती मिली है.
social media प्लेटफॉर्म एक्स पर आरबीआई ने कहा कि ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट’ का आयोजन “असर डालने की क्षमता रखने वाले एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन, क्वांटम — समावेशी वित्त के लिए भरोसेमंद, कनेक्टेड और ग्लोबल सिस्टम” थीम पर किया गया. इस दौरान आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कई इनोवेशन को लॉन्च किया.
आरबीआई ने कहा कि इस फिनटेक फेस्ट ने वित्त के भविष्य को आकार देने की दिशा में एक और कदम के रूप में कई नई पहलों को लॉन्च करने के लिए मंच प्रदान किया. इन नवाचारों से अधिक स्मार्ट डिजिटल अनुभव उपलब्ध होंगे और जिम्मेदार फिनटेक नवाचार की बुनियाद मजबूत होगी.
इससे पहले आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने Friday को कहा कि फिनटेक कंपनियां India के वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भागीदार बनकर उभरी हैं और देशभर में वित्तीय समावेशन बढ़ाने में उनकी भूमिका आगे और महत्वपूर्ण होगी.
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026 के दौरान से विशेष बातचीत में मल्होत्रा ने कहा कि केंद्रीय बैंक फिनटेक कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि वित्तीय सेवाओं को अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके, डिजिटल धोखाधड़ी को कम किया जा सके और बैंकिंग तथा वित्तीय सेवाओं की लागत घटाई जा सके.
उन्होंने कहा, “वित्तीय समावेशन, ग्राहक-केंद्रितता और एक सुरक्षित डिजिटल वित्तीय प्रणाली का विकास आरबीआई की प्रमुख प्राथमिकताएं बनी हुई हैं.”
उन्होंने कहा, “तकनीक पारंपरिक बैंकिंग चैनलों से आगे वित्तीय सेवाओं को पहुंचाने और उन्हें गांवों तथा घर-परिवारों के और करीब लाने में मदद कर सकती है.”
मल्होत्रा ने कहा, “फिनटेक हमारे लिए एक बहुत महत्वपूर्ण भागीदार है.” उन्होंने व्यापक वित्तीय समावेशन हासिल करने और ग्राहक-केंद्रित सेवाओं को मजबूत करने के लिए फिनटेक कंपनियों तथा वित्तीय क्षेत्र के संस्थानों के बीच अधिक सहयोग की जरूरत पर जोर दिया.
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में India के पहले टोकनाइज्ड कॉरपोरेट बॉन्ड पायलट की शुरुआत की गई. यह प्रतिभूतियों और परिसंपत्तियों के निपटान में ब्लॉकचेन और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) के इस्तेमाल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
फेस्ट में इंस्टेंट रुपे कार्ड और मर्चेंट यूपीआई क्यूआर जारी करने के लिए ओपन-सोर्स (एंड्रॉइड) एटीएम, चुनिंदा Government समर्थित क्रेडिट योजनाओं के लिए ‘क्रेडिट लाइन ऑन यूपीआई’ की सुविधा और आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (एईपीएस) थ्री-पार्टी कैश डिपॉजिट की भी शुरुआत की गई.
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एबीएस