भारत-जापान रक्षा साझेदारी को नई मजबूती, ‘एक्सरसाइज वीर गार्डियन 2026’ के लिए जापानी फाइटर जेट पहुंचे

New Delhi, 10 सितंबर . रक्षा मंत्रालय ने Thursday को कहा कि ‘एक्सरसाइज वीर गार्डियन 2026’ के लिए जापानी एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेएएसडीएफ) के फाइटर एयरक्राफ्ट की India की पहली यात्रा दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के और गहरे होने का प्रतीक है.

मंत्रालय ने social media प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट कर लिखा, “भारत-जापान रक्षा साझेदारी में एक अहम पड़ाव! एक्सरसाइज वीर गार्डियन 2026 के लिए जेएएसडीएफ फाइटर एयरक्राफ्ट की India की पहली यात्रा, दोनों देशों के फाइटर एयरक्राफ्ट को शामिल करने वाला दूसरा संयुक्त अभ्यास है. इससे पहले 2023 में ‘वीर गार्डियन 23’ के दौरान आईएएफ के फाइटर एयरक्राफ्ट ने पहली बार जापान का दौरा किया था.”

मंत्रालय ने कहा, “फाइटर एयरक्राफ्ट की आपसी तैनाती एक महत्वपूर्ण पहल है, जो भारत-जापान रक्षा सहयोग के और गहरे होने का प्रतीक है. यह अभ्यास इंटरऑपरेबिलिटी (आपसी तालमेल) को बढ़ाएगा, रणनीति के आदान-प्रदान को आसान बनाएगा और संयुक्त गतिविधियों के माध्यम से ऑपरेशनल स्किल्स में सुधार करेगा, जिससे इंडो-पैसिफिक में दीर्घकालिक सहयोग और स्थिरता की नींव मजबूत होगी.”

इससे पहले दिन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जेएएसडीएफ एफ-2 की India की पहली यात्रा का स्वागत किया और इसे दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी के लिए एक ‘अहम पड़ाव’ बताया. उन्‍होंने कहा कि ‘एक्सरसाइज वीर गार्डियन’ जैसे आपसी आदान-प्रदान India और जापान के बीच तालमेल को और मजबूत करते हैं.

राजनाथ सिंह ने एक्‍स पर लिखा, “भारत-जापान रक्षा साझेदारी के लिए एक अहम पड़ाव! जेएएसडीएफ फाइटर एयरक्राफ्ट की India की पहली यात्रा इंडो-पैसिफिक में शांति और स्थिरता के प्रति हमारे बढ़ते भरोसे और साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है. पिछले महीने New Delhi में हमारी बहुत ही सार्थक बातचीत के बाद ‘एक्सरसाइज वीर गार्डियन’ जैसे आपसी दौरों से यह तालमेल और मजबूत होता है.”

एक्सरसाइज वीर गार्डियन 2026 भारतीय वायु सेना और जेएएसडीएफ के बीच जोधपुर में 9 से 22 सितंबर तक आयोजित की जा रही है. आईएएफ इस अभ्यास में कई फ्रंटलाइन कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के साथ भाग ले रही है, जिनमें स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस, एसयू-30 एमकेआई और राफेल शामिल हैं.

14 दिनों तक चलने वाले इस अभ्यास के दौरान भाग लेने वाले एयर वॉरियर्स एडवांस्ड ऑपरेशनल मिशन को अंजाम देंगे और व्यापक प्रोफेशनल बातचीत करेंगे. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस कार्यक्रम में मिशन की योजना बनाने से जुड़ी कॉन्फ्रेंस, विषय-विशेषज्ञों का आदान-प्रदान और इंजीनियरिंग तथा एयरोस्पेस सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर कर्मियों के बीच बातचीत शामिल है, जिससे दोनों वायु सेनाओं के बीच गहरे ऑपरेशनल तालमेल को बढ़ावा मिलता है.

एएसएच/डीकेपी

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