भारत की संस्कृति को दुनिया ने स्वीकारा, यह राहुल गांधी को अच्छा नहीं लग रहा: विश्वास सारंग

Bhopal , 14 सितंबर . Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से ब्रिक्स सम्मेलन के डिनर मेन्यू को लेकर की गई टिप्पणी पर Madhya Pradesh Government में मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि India की संस्कृति को दुनिया ने स्वीकार किया है, लेकिन राहुल गांधी को यह अच्छा नहीं लगता है.

Bhopal में से बातचीत में विश्वास सारंग ने कहा कि मुझे हैरानी होती है कि राहुल गांधी कब परिपक्व होंगे. वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में विपक्ष के नेता हैं. जब कोई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम हो रहा हो, तो हमें पार्टी की राजनीति से ऊपर उठकर अपनी बात रखनी चाहिए. राहुल गांधी को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हुई महत्वपूर्ण चर्चाओं और India की भूमिका पर बात करनी चाहिए थी, लेकिन वह भोजन के मेन्यू को लेकर टिप्पणी कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि मुझे समझ नहीं आता है कि राहुल गांधी को ऐसी सलाह कौन दे रहा है और वे Political परिपक्वता कब हासिल करेंगे.

सारंग ने दावा किया कि Narendra Modi के नेतृत्व को पूरी दुनिया में स्वीकार्यता मिली है. ब्रिक्स में शामिल देश वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं और सम्मेलन में Prime Minister मोदी की बातों को महत्व दिया गया.

उन्होंने योग का उदाहरण देते हुए कहा कि Prime Minister मोदी की पहल के बाद योग को भी दुनियाभर में व्यापक स्वीकार्यता मिली है.

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शाकाहारी भोजन परोसे जाने को लेकर विदेशी मेहमानों की प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए सारंग ने कहा कि भारतीय संस्कृति और खानपान को दुनिया में सम्मान मिल रहा है. अबू धाबी जैसे मुस्लिम बहुल देश में भी मंदिर का निर्माण हुआ है. सारंग ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इन सकारात्मक बदलावों को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और उनकी आंखों पर Political चश्मा लगा हुआ है और इसी वजह से उनके द्वारा इस तरह की टिप्पणियां की जा रही हैं. खाने को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है.

Union Minister गिरिराज सिंह ने कहा कि जी20 सम्मेलन के दौरान भी विदेशी मेहमानों के सामने भारतीय व्यंजन परोसे गए थे. भारतीय व्यंजन देश की संस्कृति और परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हैं. India में जब घर पर मेहमान आते हैं तो उन्हें अपने देश और क्षेत्र के पारंपरिक व्यंजन ही परोसे जाते हैं. इसी परंपरा के तहत ब्रिक्स प्रतिनिधियों के लिए भारतीय भोजन तैयार किया गया और परोसा गया.

गिरिराज सिंह ने कहा कि अगर राहुल गांधी का दिमाग खराब है, तो क्या इसका मतलब यह है कि पूरे देश का दिमाग खराब हो जाना चाहिए. India ने अपने मेहमानों के सामने भारतीय संस्कृति और भारतीय व्यंजन प्रस्तुत किए, जो देश की परंपरा के अनुरूप है.

डीकेएम/वीसी

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