भारत की आर्थिक मजबूती को घरेलू मांग और आकांक्षाओं से मिल रहा सपोर्ट : वित्त मंत्री सीतारमण

Mumbai , 2 नवंबर . वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Monday को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को लोगों की आकांक्षाओं और देश के बड़े घरेलू बाजार में मांग से सहारा मिल रहा है. साथ ही, Government वित्तीय समावेश, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और वित्तीय अनुशासन पर फोकस कर रही है.
देश की आर्थिक राजधानी में एचएसबीसी इंडिया के ‘फर्दरिंग फाइनेंशियल इंक्लूजन’ कार्यक्रम में, सीईओ हितेंद्र दवे के साथ बातचीत के दौरान, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि मध्यम वर्ग के विस्तार से लोगों की खरीदारी की क्षमता बढ़ी है और इससे घरेलू मांग को भी समर्थन मिला है.
वित्तीय सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि Government के लिए सभी के लिए बीमा सुरक्षा एक उच्च प्राथमिकता बनी हुई है.
उन्होंने Prime Minister जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और Prime Minister सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) जैसी योजनाओं का जिक्र किया, जो किफायती प्रीमियम पर बीमा सुरक्षा प्रदान करती हैं. इसके साथ ही उन्होंने अटल पेंशन योजना का भी जिक्र किया, जो नागरिकों को पेंशन कवरेज देती है.
उन्होंने कहा कि Government का लक्ष्य 2047 तक ‘सभी के लिए बीमा’ हासिल करना है और वह पूरे देश में बीमा की पहुंच बढ़ाने के लिए काम कर रही है.
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि प्रति परिवार 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करने वाली आयुष्मान India जैसी पहलों ने लोगों को अपनी संपत्ति या जायदाद बेचे बिना इलाज कराने में सक्षम बनाया है. उनके अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के विस्तार से भी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर हुई है.
उन्होंने कहा कि शासन में स्थिरता व्यवसायों को स्पष्टता और आत्मविश्वास देती है, जिससे निरंतर आर्थिक विकास में मदद मिलती है.
वित्त मंत्री सीतारमण ने विश्व बैंक के उस अनुमान का जिक्र किया, जिसके अनुसार लगभग 50 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि लगातार किए गए नीतिगत प्रयासों और बुनियादी सेवाओं तक बेहतर पहुंच को दर्शाती है.
उन्होंने कहा, “स्कूलों तक पहुंच और स्कूली शिक्षा के बाद कौशल प्रशिक्षण ने गरीबी कम करने में मदद की है.”
भविष्य के रोजगार के अवसरों पर बात करते हुए, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि Government युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी नौकरियों के लिए जरूरी कौशल सिखाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है.
उनके अनुसार, एआई-केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योग की उम्मीदों और कार्यबल की क्षमताओं के बीच के अंतर को कम करने में मदद करेंगे.
इसके अलावा, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि पूंजीगत व्यय Government की विकास रणनीति का एक मुख्य स्तंभ बना हुआ है. उन्होंने राजकोषीय घाटे पर कड़ी नजर रखने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया.
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “Governmentी खर्च जिम्मेदारीपूर्ण होना चाहिए.”
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एबीएस


