भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स सम्मेलन शुरू, भाजपा सांसद बोले-वैश्विक चुनौतियों पर होगा मंथन

New Delhi, 26 अक्टूबर . India की अध्यक्षता में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. सांसद नरेश बंसल, शशांक मणि त्रिपाठी और जगदम्बिका पाल ने इस सम्मेलन को वैश्विक मुद्दों पर संवाद और सहयोग बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच बताया. वहीं, Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के सम्मेलन में शामिल नहीं होने को लेकर BJP MPों ने सवाल उठाए.
12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम पर BJP MP नरेश बंसल ने से बात करते हुए कहा, “मैं आपके माध्यम से इस सम्मेलन के सफलता की कामना करता हूं. India के अध्यक्षता में आज यह 12वें ब्रिक्स पार्लियामेंट्री फोरम की दो दिन की बैठकें हो रही हैं, जिसमें अनेक द्विपक्षीय वार्ताएं नेताओं के बीच में होंगी. विश्व के सामने जो समस्याएं हैं आतंकवाद की होगी, पर्यावरण की होगी, जलवायु की होगी, आपस में ट्रेड करने के तरीकों की होगी, तो सब का समाधान आपस में संवाद से, वार्ता से निकलेगा. India के अध्यक्षता में आज यह बैठक हो रही है. मैं मानता हूं कि बैठक बहुत सफल बैठक होगी.”
Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के शामिल न होने पर बंसल ने कहा कि अब उनको देश के समस्याओं से कुछ लेना-देना नहीं है. वह तो देश में अराजकता लाना चाहते हैं. राहुल गांधी हताश और निराश पार्ट-टाइम पॉलिटिशियन हैं. इसलिए उनका होना या न होना कोई बड़ी बात नहीं है.”
BJP MP शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा, “एक बहुत शुभ मुहूर्त है कि विश्व का सबसे बड़ी संसद सभी पार्लियामेंट्री फोरम के लोगों की मेजबानी कर रही है. इसमें मैं समझता हूं कि हम लोग का जो ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व है, वह और भी सुदृढ़ होगा और यहां पर जो सार्थक चर्चा होगी, उसमें पीपल्स-सेंट्रिक गवर्नेंस और पीपल्स-सेंट्रिक डेवलपमेंट के बारे में काफी बात होगी.”
राहुल गांधी के 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच में शामिल न होने पर कहा, “मुझे मालूम नहीं है, लेकिन उनको आना चाहिए. वह नेता प्रतिपक्ष हैं और उन्हें भी इसमें शामिल होना चाहिए.”
BJP MP जगदम्बिका पाल ने कहा, “ब्रिक्स के 11 देश और उनके 10 साझेदार देश आ रहे हैं. इन सभी देशों के वक्ता और प्रतिनिधिमंडल इसमें हिस्सा ले रहे हैं, तो मुझे लगता है कि यह बहुत महत्वपूर्ण है. यह हमारा 12वां संसदीय फोरम 2026 हो रहा है.”
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए पाल ने कहा कि यह लोकतंत्र का मजाक उड़ाने जैसा है. उन्हें संसदीय लोकतंत्र के प्रति कोई सम्मान नहीं है. यह इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस है, जिसमें 21 देशों के लोग आ रहे हैं, स्पीकर्स आ रहे हैं, डेलीगेशंस आ रहे हैं, और वैश्विक चीजें पर चर्चा की जाएगी. राहुल गांधी इसमें शामिल न होकर एक तरह से न केवल संसद और संसदीय परंपराओं का अपमान कर रहे हैं बल्कि देश का भी अपमान कर रहे हैं.”
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एसएके/पीएम


