
New Delhi, 13 सितंबर . India और पराग्वे के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 65 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दोनों देशों ने अब तक की प्रगति को रेखांकित करते हुए आपसी सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि India और पराग्वे राजनयिक संबंधों की स्थापना की 65वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. यह अवसर छह दशक से अधिक समय से जारी मित्रता, आपसी सम्मान और समझ को दर्शाता है. दोनों देशों के बीच लगातार संवाद और अपने लोगों को करीब लाने की साझा प्रतिबद्धता के चलते द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूत हुए हैं.
विदेश मंत्रालय ने कहा, “दोनों Governmentें अब तक हासिल की गई प्रगति को रेखांकित करती हैं और साझा हित वाले रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने की अपनी इच्छा दोहराती हैं. साथ ही, आर्थिक और व्यापारिक आदान-प्रदान बढ़ाने के उद्देश्य से नई पहलों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है.”
दोनों देशों ने इस संबंध को सहयोग, समृद्धि और पारस्परिक लाभ के एक नए चरण में ले जाने की प्रतिबद्धता जताई है.
India और पराग्वे ने सितंबर 1961 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे. इसके बाद से दोनों देशों के बीच गर्मजोशी और मैत्रीपूर्ण संबंध बने हुए हैं. पिछले कुछ वर्षों में व्यापार, कृषि, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार हुआ है.
पराग्वे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में India के उभरते व्यापारिक साझेदारों में शामिल है.
जून 2025 में Prime Minister Narendra Modi और पराग्वे के President सैंटियागो पेना पालासियोस ने New Delhi स्थित हैदराबाद हाउस में व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की थी. इसका उद्देश्य India और दक्षिण अमेरिकी देश के बीच राजनयिक और आर्थिक साझेदारी को नई गति देना था. President पेना पालासियोस ने India की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा की थी.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, स्वास्थ्य एवं फार्मास्यूटिकल्स, रक्षा एवं सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और खनन समेत द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे पर व्यापक चर्चा की थी.
प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान Prime Minister मोदी ने कहा था कि पराग्वे के President की India यात्रा ऐतिहासिक है, क्योंकि यह किसी पराग्वे के President की India की दूसरी यात्रा है. उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच साथ मिलकर काम करने से साझा विकास और समृद्धि का रास्ता तैयार किया जा सकता है.
Prime Minister मोदी ने यह भी कहा था कि India और पराग्वे ग्लोबल साउथ का अभिन्न हिस्सा हैं और दोनों देशों की उम्मीदें, आकांक्षाएं और चुनौतियां समान हैं.
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डीएससी