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Saturday, 17 October 2026
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भाजपा नेता तरुण चुघ ने भगवंत मान सरकार की नीतियों को बताया विफल

भाजपा नेता तरुण चुघ ने भगवंत मान Government की नीतियों को बताया विफल

New Delhi, 16 अक्टूबर . राज्यसभा सांसद एवं भाजपा केंद्रीय कार्यालय प्रभारी तरुण चुघ ने Friday को पंजाब के संगरूर में मीडिया को संबोधित किया और राज्य में लगातार हो रही हत्याओं, Police थानों पर ग्रेनेड हमलों और नशा माफिया के खिलाफ आवाज उठाने वाले व्हिसलब्लोअर की हत्याओं को लेकर भगवंत मान Government पर सवाल उठाए.

उन्होंने बटाला में विक्रमजीत की हत्या का उल्लेख किया और आरोप लगाया कि Government नशा माफिया पर अंकुश लगाने और नागरिकों को सुरक्षा देने में विफल रही है. चुघ ने मामले की एनआईए और सीबीआई से जांच कराने तथा दोषियों को पकड़ने की मांग की. उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आने पर 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब से नशा समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने कहा कि पंजाब में लगातार हत्याएं हो रही हैं और Police थानों पर ग्रेनेड फेंके जा रहे हैं. राज्य में हत्याओं का दौर चल रहा है और व्हिसलब्लोअर को गोलियां मारी जा रही हैं. पहले गुलजार सिंह को निशाना बनाया गया, क्योंकि उसने बताया था कि यहां चिट्टा बिकता है. उसे इतना मजबूर किया गया कि उसे आत्महत्या करनी पड़ी. मोहनजीत को Police उठाकर ले जाती है और कहती है कि ‘माफिया का नाम मत लो.’ अब हालात इतने बिगड़ गए हैं कि झोटा, जिसने व्हिसलब्लोअर बनकर खुद नशे की खेप पकड़ी थी, उसकी सरेआम और भरे बाजार में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई. वह लगातार फोन कर मदद मांगता रहा, लेकिन Police नहीं पहुंची. प्रशासन पूरी तरह विफल रहा.

झोटा के पिता का कहना है कि इसके पीछे आम आदमी पार्टी के स्थानीय विधायक सिंगला का हाथ है. कल और परसों की घटनाओं के बाद पूरे पंजाब में भय का वातावरण था. आज ड्रग माफिया और नशे की सप्लाई चेन चलाने वालों ने बटाला में विक्रमजीत और उनके साथियों पर हमला किया, जिसमें विक्रमजीत की हत्या कर दी गई. उनका एकमात्र कसूर यह था कि उन्होंने नशे की सप्लाई रोकने और नशा बेचने वालों के खिलाफ आवाज उठाई थी.

चुघ ने कहा कि आज पंजाब में जो काम Police को करना चाहिए, वह जनता, समाजसेवी और स्वयंसेवक कर रहे हैं. लेकिन भगवंत मान की Government उन्हें सुरक्षा देने के बजाय माफिया के हाथों मरने के लिए छोड़ रही है. यह स्थिति बेहद भयानक है. पंजाब में आज जिस तरह हाई पावर मीटिंग बुलाई गई, वह केवल एक फिल्मी ड्रामा है. लोगों के बच्चे नशे से मर रहे हैं, परिवारों के परिवार उजड़ रहे हैं और भगवंत मान साहब केवल मीटिंगों में व्यस्त हैं, जबकि पूरा पंजाब त्रस्त है. हमें हैरानी है कि पंजाब के वित्त मंत्री माफिया के एडवोकेट बनकर काम कर रहे हैं. वे माफिया की हरकतों को सही ठहरा रहे हैं और नशा बेचने वालों के हक में बोल रहे हैं. पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा बताएं, क्या वह नशा पकड़वाने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा था? जब उसे गोली मारी गई, तो क्या वह अपने साथ नशे की वे पुड़ियां लेकर नहीं गया था, जिन्हें उसने खरीदकर हासिल किया था? हरपाल सिंह चीमा किस माफिया को और क्यों बचाना चाहते हैं? आज पूरा पंजाब त्रस्त है और भय के वातावरण में जी रहा है, लेकिन भगवंत मान की Government अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की सेवा में मस्त है.

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एमएस/

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