
New Delhi, 18 सितंबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने Friday को पार्टी से इस्तीफा देने के अपने फैसले के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि वह 2024 के Lok Sabha चुनावों के बाद प्राइवेट सेक्टर में जाने पर विचार कर रहे थे.
शहजाद पूनावाला ने कहा कि हमेशा से उनका इरादा था कि 2024 के चुनावों के बाद वह प्राइवेट सेक्टर में लौट जाएंगे लेकिन चुनावों के बाद बनी Political स्थिति की वजह से उन्होंने कुछ और समय तक भाजपा के साथ काम जारी रखने का फैसला किया.
पूनावाला ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा, “साल 2024 के चुनावों के बाद मेरे मन में प्राइवेट सेक्टर में जाने का विचार था. इसकी वजह यह थी कि जब मैं 2021 में राजनीति में आया और भाजपा का राष्ट्रीय प्रवक्ता बना, उससे पहले मैं मीडिया में था. उससे पहले मुझे रेगुलर सैलरी मिलती थी.”
उन्होंने कहा, “मुझे सिर्फ मीडिया का काम और अपनी बात को अच्छे से रखना आता था. वहीं, जब मैं राजनीति में आया और 24/7 इसमें लग गया, तो मैंने हिसाब लगाया कि मेरे पास कितनी बचत है और मैं कितने सालों तक इस तरह काम कर पाऊंगा. जब मुझे एहसास हुआ कि किसी Political पार्टी में एक्टिव रहना सिर्फ 2024 के आखिर तक ही मुमकिन होगा, तो मैंने अपना मन बना लिया था.”
पूनावाला ने कहा, “अगर आप मेरे पुराने वीडियो और बयान देखें, तो मेरा इरादा हमेशा से यही था कि 2024 के चुनावों के बाद राजनीति छोड़ दूंगा और प्राइवेट सेक्टर में वापस चला जाऊंगा, जहां से मैं आया था.”
हालांकि, उन्होंने कहा कि 2024 के Lok Sabha चुनावों में भाजपा को मिली 240 सीटों और उसके बाद हुए Political घटनाक्रमों ने उन्हें अपने फैसले पर फिर से सोचने के लिए मजबूर किया.
उन्होंने कहा, “2024 के चुनावों के बाद की स्थिति को देखते हुए, जहां पार्टी को 240 सीटें मिली थीं, मुझे लगा कि उस अहम मोड़ पर पार्टी छोड़ना सही नहीं होगा. राज्यों के अहम चुनाव भी आने वाले थे और मैं जितना हो सके योगदान देना चाहता था. आखिरकार, बंगाल चुनावों के बाद मैंने फैसला किया कि अब प्राइवेट सेक्टर में जाने का समय आ गया है.”
पूनावाला ने यह भी कहा कि राजनीति में उनका मकसद कभी भी कोई चुना हुआ पद पाना नहीं रहा है. उन्होंने कहा, “दूसरी बात, मेरा लक्ष्य कभी भी सांसद या विधायक बनना नहीं रहा है. मैं पदों के लिए काम नहीं करता, मैं एक मिशन और विजन के लिए काम करता हूं. आज भी, मैं भाजपा के मिशन और विजन के लिए काम कर रहा हूं. मैं टाइटल या पदों के पीछे नहीं भागता; मैं अपना कद और पहचान बनाने में विश्वास रखता हूं.”
पूर्व जेएनयू छात्र उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर हुए विवाद पर पूनावाला ने उन लोगों की आलोचना की जो खालिद को हीरो की तरह दिखाते हैं जबकि दूसरे जाने-माने भारतीयों की साख पर सवाल उठाते हैं.
उन्होंने कहा, “उन्हें डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम या उस्ताद बिस्मिल्लाह खान में कभी कोई हीरो या नेल्सन मंडेला नहीं दिखता. उन्हें सिर्फ उमर खालिद में ही ऐसा दिखता है. और जो लोग उमर खालिद के लिए आंसू बहाते हैं, जब कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट दी, तब भी वे उन्हें आतंकवादी ही कहते हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि वह भगवा पहनती हैं. फिर भी, जिस व्यक्ति को कोर्ट रिहा करने से इनकार कर देता है, उसे वे शहीद और बेगुनाह बताते हैं.”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “राहुल गांधी Prime Minister बन सकते हैं, लेकिन शायद Pakistan के. अगर वह चाहें तो इटली के या जिस भी देश में वह अक्सर जाते हैं, जैसे बैंकॉक, अगर वह वहां की नागरिकता लेना चाहें, तो वहां Prime Minister बन सकते हैं, क्योंकि वैसे भी वह अपना ज्यादातर समय विदेश में ही बिताते हैं. India में वह अपनी छुट्टियों के बीच बस थोड़े समय के लिए ही आते हैं. वह निश्चित रूप से उन देशों के Prime Minister बन सकते हैं, लेकिन यहां, 2029 में, Narendra Modi और भी बड़े अंतर से दोबारा Prime Minister चुने जाएंगे. 2034 में,अगर वह चुनाव लड़ने का फैसला करते हैं, तो 2034 में भी Prime Minister बनेंगे. 2027 में योगी आदित्यनाथ और भी बड़े अंतर से सत्ता में लौटेंगे, जो 2017 में भाजपा को मिली जीत से भी बड़ा होगा.”
राम जन्मभूमि फैसले पर एक्ट्रेस स्वरा की टिप्पणी पर पूनावाला ने उनके विचारों की आलोचना की और कहा कि Supreme Court के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, “स्वरा , अब बस कीजिए! क्योंकि हिंदुओं के खिलाफ रुख, देशविरोधी बातें और हिंदुओं को लगातार नीचा दिखाने का सिलसिला अब खत्म होना चाहिए. राम मंदिर पर फैसला Supreme Court ने सुनाया था-और ये लोग ‘संविधान बचाने’ की बात करते हैं. क्या राहुल गांधी और स्वरा को लगता है कि Supreme Court की समझ गलत थी?”
हाल ही में, स्वरा ने बताया कि जब राम जन्मभूमि का फैसला आया था, तो उन्होंने सुपरस्टार शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान से संपर्क करके अपना समर्थन जताया था. उन्होंने कहा कि उन्हें शर्म महसूस हो रही थी, इसलिए उन्होंने अपने जान-पहचान वाले सभी मुसलमानों से संपर्क किया और उन्हें बताया कि वह इस फैसले से सहमत नहीं हैं.
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एएसएच/पीएम