भरोसेमंद साझेदार होने के साथ-साथ भारत में वैश्विक ताकत बनने की पूरी क्षमता : वोल्फगैंग इस्चिंगर

नई द‍िल्‍ली, 5 अक्टूबर . म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन और एम्बेसडर वोल्फगैंग इस्चिंगर ने ‘मिडिल पावर्स’ वाले देशों के बीच India की उभरती हुई ताकत वाली भूमिका की तारीफ की. उन्‍होंने कहा क‍ि India सिर्फ मध्यम ताकत नहीं बल्कि वैश्विक ताकत बनने की पूरी क्षमता रखता है. यूरोप के लिए India एक भरोसेमंद और सुरक्षित साझेदार है.

वोल्फगैंग इस्चिंगर ने कहा क‍ि कनाडा के Prime Minister ने इस साल की शुरुआत में ‘मिडिल पावर्स’ वाले देशों की भूमिका को लेकर जो चर्चा शुरू की थी, वह काफी दिलचस्प है. हमें खुशी है कि कल और आज दिल्ली में हुई हमारी ‘म्यूनिख लीडर्स मीटिंग’ में इस मुद्दे पर गहराई से चर्चा करने का मौका मिला.

उन्‍होंने कहा क‍ि इस मामले में India की भूमिका निश्चित रूप से खास है. India को सिर्फ एक मध्यम ताकत वाला देश नहीं कहा जा सकता. India में वैश्विक ताकत बनने की पूरी क्षमता है. शायद India पहले से ही एक वैश्विक ताकत है. इसकी वजह India की विशाल आबादी, बड़ी अर्थव्यवस्था और अच्छी शिक्षा पाने वाली युवा आबादी की जबरदस्त क्षमता है.

वोल्फगैंग ने कहा क‍ि यूरोप के लिए यह खुशी की बात है कि India के रूप में हमारे पास ऐसा साझेदार है, जो शायद उन कुछ दूसरे वैश्विक साझेदारों की तुलना में ज्यादा भरोसेमंद साबित हो सकता है, जिनके साथ हमने कारोबार करने की कोशिश की है. आज दुनिया जिस उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है, उसमें ऐसे साझेदारों का होना जरूरी है जो भरोसेमंद और सुरक्षित हों. India में ये सभी खूबियां मौजूद हैं.

वोल्फगैंग ने कहा क‍ि मेरी राय में India और यूरोप न सिर्फ अपने आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने की अच्छी स्थिति में हैं बल्कि हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते के आधार पर इससे कहीं आगे बढ़ सकते हैं. हम India और यूरोप के बीच एक ज्यादा व्यापक और मजबूत रणनीतिक साझेदारी बना सकते हैं. मुझे लगता है कि यही भविष्य है और यह भविष्य काफी उज्ज्वल है.

उन्‍होंने कहा क‍ि जहां तक अमेरिका की बात है, तो हाल के वर्षों में वह यूरोप के लिए उतना भरोसेमंद साझेदार नहीं रहा है. अमेरिका में कुछ ही हफ्तों में चुनाव होने वाले हैं. जर्मनी और यूरोप के नजरिए से यह बेहद जरूरी है कि हम जहां तक संभव हो, अमेरिका के साथ अपने रिश्तों को ज्यादा से ज्यादा करीबी बनाए रखने की कोशिश करें. मौजूदा अनिश्चित हालात को देखते हुए हम पूरी तरह किसी एक ही देश पर निर्भर नहीं रहना चाहते. हम अपने रिश्तों में विविधता लाना और जोखिम कम करना चाहते हैं. इसलिए हम दुनिया के दूसरे देशों के साथ भी साझेदारी बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं.

उन्‍होंने कहा क‍ि India आज भी एक बेहद उम्मीद भरा साझेदार है और आने वाले समय में उसकी अहमियत और बढ़ सकती है.

–

एवाई/पीएम

Leave a Comment