पंजाब सीएम की पत्नी से जुड़े 5 करोड़ रिश्वत आरोप मामले में ईडी की एंट्री, अमरदीप ग्रेवाल को समन

चंडीगढ़, 6 अक्टूबर . पंजाब के Chief Minister भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर से जुड़े 5 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत के मामले में अब Enforcement Directorate (ईडी) ने जांच तेज कर दी है. ईडी ने इस मामले में Chief Minister के साले और पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े अमरदीप सिंह ग्रेवाल को समन भेजकर पूछताछ के लिए तलब किया है.

अमरदीप सिंह ग्रेवाल पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं. वह एम/एस ईस्ट सनशाइन प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े हैं. उनकी कंपनी ने ‘मौजां ही मौजां’ (2023) और ‘स्नोमैन’ (2022) जैसी पंजाबी फिल्मों का निर्माण किया है. ‘मौजां ही मौजां’ में गिप्पी ग्रेवाल और बिन्नू ढिल्लों मुख्य भूमिकाओं में थे.

अमरदीप ग्रेवाल से जुड़े प्रोडक्शन हाउस की फिल्मों के ओवरसीज प्रोडक्शन और रिलीज से जुड़े लिंक भी बताए जाते हैं. इसी वजह से ईडी कथित 5 करोड़ रुपये के लेन-देन से जुड़े वित्तीय पहलुओं और विदेशी फंडिंग की जांच कर रही है.

यह मामला एक रेप केस को कथित तौर पर दबाने के लिए 5 करोड़ रुपये मांगने के आरोप से जुड़ा है. पूर्व जज जस्टिस रंजीत सिंह और अकाली दल के नेताओं बिक्रम मजीठिया तथा हरसिमरत कौर बादल ने आरोप लगाया था कि Chief Minister की पत्नी के करीबी अमरदीप ग्रेवाल ने एक रेस्टोरेंट में आरोपी के साथी और मीडिया इन्फ्लुएंसर गुरि चहल के साथ कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की डील तय की थी.

आरोपों के मुताबिक, अमरदीप ग्रेवाल ने Chief Minister की पत्नी की तस्वीर दिखाकर अपनी पहुंच का हवाला दिया था. यह भी आरोप लगाया गया कि कथित डील के बाद आरोपी को दो महीने में छोड़ दिया गया और बाद में वह अमेरिका चला गया. हालांकि, ये सभी आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं.

Chief Minister भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है. उन्होंने बिक्रम मजीठिया, हरसिमरत कौर बादल और खैरा के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया है. उनका आरोप है कि फर्जी ऑडियो, तस्वीरों और cctv फुटेज के जरिए उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई.

चंडीगढ़ सिविल कोर्ट ने मजीठिया, खैरा और पूर्व जज जस्टिस रंजीत सिंह द्वारा असत्यापित मानहानिकारक सामग्री प्रकाशित किए जाने पर अंतरिम रोक लगा दी है. अदालत ने कहा है कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा का अधिकार भी महत्वपूर्ण है.

इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया है. आयोग ने पंजाब Government और Police महानिदेशक (डीजीपी) से दो सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि यह मामला पीड़िता के न्याय पाने के अधिकार का उल्लंघन करता है.

ईडी कथित 5 करोड़ रुपये के लेन-देन के मनी ट्रेल की जांच कर रही है. जांच एजेंसी को आशंका है कि कथित लेन-देन में फिल्म प्रोडक्शन कंपनी के खातों या फिल्मों की ओवरसीज रिलीज से जुड़े पैसों का इस्तेमाल हुआ हो सकता है.

इसी वित्तीय कड़ी को खंगालने के लिए अमरदीप ग्रेवाल को समन भेजा गया है. एजेंसी की ओर से उनके प्रोडक्शन हाउस के बैंक खातों, विदेशी निवेश और फिल्मों की फंडिंग से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं.

ईडी की जांच का मुख्य फोकस कथित 5 करोड़ रुपये के लेन-देन से जुड़े पैसों के स्रोत, उनके इस्तेमाल और संभावित मनी ट्रेल का पता लगाने पर है. मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि या उन्हें गलत साबित करने का अंतिम फैसला जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा.

–

डीएससी

Leave a Comment