
इंदौर, 11 अक्टूबर . वेस्टइंडीज के खिलाफ होल्कर स्टेडियम में तीसरे टी20 मैच से पहले India के उप-कप्तान तिलक वर्मा ने मिडिल ऑर्डर में अपनी हालिया सफलता का श्रेय कड़ी मानसिक तैयारी और अभ्यास के साथ-साथ भगवान को दिया. तिलक ने कहा कि वह मैच खत्म करने के लिए मानसिक पहलू पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं.
Lucknow में तिलक वर्मा ने 18 गेंदों में 44 रन की नाबाद पारी खेली थी. हालांकि, उस मुकाबले में तिलक की फिनिशिंग क्षमता की जरूरत नहीं पड़ी. इससे पहले तिलक वर्मा ने एशियन गेम्स 2026 में Pakistan के खिलाफ गोल्ड मेडल मैच में 22 गेंदों का सामना करते हुए 4 छक्कों और 3 चौकों के साथ 51 रन की अहम नाबाद पारी खेली थी. टीम इंडिया ने यह मैच 19 रन से अपने नाम करते हुए पोडियम पर पहला स्थान हासिल किया.
इंदौर में टॉस से पहले तिलक वर्मा ने ब्रॉडकास्टर्स के साथ बातचीत में तिलक वर्मा ने कहा, “सबसे पहले, एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप के बारे में बात करने के लिए धन्यवाद. जब भी मैं इसके बारे में सुनता हूं तो हमेशा अच्छा लगता है. हां, भगवान मुझ पर बहुत मेहरबान रहे हैं. अभी, मेरी फॉर्म भी बहुत अच्छी चल रही है. मैंने जिस तरह से पिछला मैच खत्म किया, वह शानदार था. हम अपनी बुनियादी बातों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. अभी मेरी फॉर्म अच्छी है. देखते हैं कि यह कैसा रहता है?”
टॉप-ऑर्डर से मिडिल ऑर्डर में मैच खत्म करने की जिम्मेदारी संभालने तक अपनी बैटिंग पोजिशन में बदलाव के बारे में बात करते हुए, बाएं हाथ के बल्लेबाज ने बताया कि इस बदलाव के लिए नेट्स और मानसिक रूप से जानबूझकर प्रयास करने की जरूरत थी, जिस पर अभी भी काम चल रहा है.
उन्होंने कहा, “सच कहूं तो, मैंने नंबर 4 पर ज्यादा नहीं खेला है. आप जानते हैं, जैसा कि हमारे कोच ने कहा, हर बल्लेबाज… सिर्फ ओपनर्स ही तय होते हैं. उसके अलावा, हर कोई रोटेट होता रहता है. लेकिन मैं हमेशा कहता हूं कि पहले ऊपर के क्रम में बैटिंग करना मेरी ताकत थी, लेकिन अब विश्व कप के बाद से मुझे इसकी आदत हो गई है. वर्ल्ड कप के दौरान मैं पांचवें और छठे नंबर पर बैटिंग कर रहा था. इसलिए मैं प्रैक्टिस कर रहा था कि वहां से गेम कैसे खत्म किया जाए. तो मैंने मानसिक रूप से और प्रैक्टिस में भी काफी मेहनत की है और हां, सही समय पर… मैंने पहले भी कहा है कि भगवान बहुत मेहरबान हैं, और हां, सब कुछ अच्छा चल रहा है.”
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