
चंडीगढ़, 5 अक्टूबर . पंजाब के Chief Minister भगवंत मान के ओएसडी समेत कार्यालय से जुड़े लोगों पर भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई को जांच सौंपने पर विपक्ष ने पंजाब-Haryana हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है. विपक्ष के नेताओं ने कहा कि पंजाब के Governmentी खजाने को लूटने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें सजा मिलनी चाहिए.
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मैं हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं और उम्मीद करता हूं कि सीबीआई निष्पक्ष और तय समय-सीमा के भीतर जांच करेगी. पंजाब के Governmentी खजाने को लूटने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें सजा मिलनी चाहिए, चाहे वे कितने भी ताकतवर क्यों न हों.”
वहीं, शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “भगवंत मान की ईमानदारी का नकाब पंजाब और Haryana हाईकोर्ट ने उतारा. Chief Minister दफ्तर और घर में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर ईडी की ओर से बार-बार लिखे जाने के बावजूद कार्रवाई न करने पर पंजाब और Haryana हाईकोर्ट ने सारी जांच सीबीआई को दी है और 2 महीने में रिपोर्ट देने को कहा है.”
उन्होंने आगे लिखा, “राजबीर घुम्मन, नितिन गुहाल, जतिन गुहाल समेत सबका पर्दाफाश होना है और सब जल्दी पकड़े जाएंगे. कर्मचारियों के डीए के मामले में टोपी सिन्हा ने किस तरह कोर्ट को गुमराह किया और कोर्ट ने टोपी सिन्हा को जमकर फटकार लगाई. अब गुरु-दोखी से लेकर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया तक पूरा हिसाब होगा. सब पकड़े जाएंगे.”
पंजाब-Haryana हाईकोर्ट ने Monday को आदेश दिया कि Enforcement Directorate (ईडी) की ओर से पंजाब के Police महानिदेशक (डीजीपी) को लिखे गए पत्रों से जुड़े मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए. कोर्ट ने यह फैसला वकील निखिल सराफ की ओर से दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनाया.
गौरतलब है कि ईडी ने पंजाब के डीजीपी को तीन पत्र लिखकर Chief Minister भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोप लगाए थे और उन पर First Information Report दर्ज करने की मांग की थी. पंजाब Police की ओर से मामला दर्ज न किए जाने के बाद हाईकोर्ट में यह जनहित याचिका दायर की गई थी.
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डीसीएच/