ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में हाजी सैयद सलमान चिश्ती बोले, स्थायी समृद्धि का आधार है विश्वास और सेवा

New Delhi, 16 अक्टूबर . New Delhi में आयोजित तीन दिवसीय ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2026’ का Thursday को समापन हुआ. New Delhi के ताज पैलेस होटल में इस वैश्विक फोरम का उद्घाटन Prime Minister Narendra Modi और ब्लूमबर्ग के संस्थापक माइकल ब्लूमबर्ग ने किया था. कार्यक्रम में अजमेर दरगाह शरीफ के 26वें गद्दी-नशीन और चिश्ती फाउंडेशन के चेयरमैन हाजी सैयद सलमान चिश्ती सम्मानित प्रतिनिधि के तौर पर शमिल हुए.
13 से 15 अक्टूबर तक आयोजित इस फोरम का विषय था ‘ए वर्ल्ड इन प्ले: डिफाइनिंग द न्यू लीवर्स ऑफ पावर.’ यह India में आयोजित सबसे प्रभावशाली वैश्विक सम्मेलनों में से एक था, जिसमें कई देशों के प्रमुख नेता, मंत्री, केंद्रीय बैंक प्रमुख, बड़े निवेशक और दुनिया की प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए.
कार्यक्रम की शुरुआत Prime Minister Narendra Modi ने कहा कि शक्ति का असली उद्देश्य दूसरों को सशक्त बनाना होना चाहिए. उन्होंने कहा कि नियंत्रण की शक्ति से आगे बढ़कर सशक्त बनाने की शक्ति, प्रतिस्पर्धा की शक्ति से आगे बढ़कर सहयोग की शक्ति और केवल खुद सफल होने की शक्ति से आगे बढ़कर दूसरों को सफल बनाने की शक्ति ज्यादा महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि शक्ति का असली मूल्य उसके उद्देश्य में होता है.
माइकल ब्लूमबर्ग ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए New Delhi को इसलिए चुना गया, क्योंकि मौजूदा समय में India नवाचार, निवेश और वैश्विक सप्लाई चेन में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है.
हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने माइकल ब्लूमबर्ग से मुलाकात कर उन्हें अजमेर दरगाह शरीफ की ओर से शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया. उन्होंने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती गरीब नवाज की शिक्षा, यानी प्रेम, सेवा और मानवता के संदेश को भी साझा किया. साथ ही उन्होंने ब्लूमबर्ग की ओर से जनसेवा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और दुनिया के शहरों के विकास के लिए किए गए कार्यों की सराहना की.
तीन दिवसीय इस कार्यक्रम के दौरान हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने ब्रिटेन के पूर्व Prime Minister ऋषि सुनक, ब्लूमबर्ग की सलाहकार और विदेश नीति विशेषज्ञ लिंडसे हॉवर्ड, नॉर्वे के प्रसिद्ध कारोबारी डॉ. ओसवाल्ड ब्जेलैंड, ओफर ग्लोबल के चेयरमैन एयाल ओफर, मारुबेनी कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष और सीईओ मसायुकी ओमोटो, जेएसडब्ल्यू समूह के चेयरमैन सज्जन जिंदल और गूगल डीपमाइंड की मुख्य एआई रेडीनेस अधिकारी लीला इब्राहिम से मुलाकात की.
इसके अलावा उन्होंने टाटा संस, डीपी वर्ल्ड, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट काउंसिल, हुंडई, इन्फोसिस और इंटरनेशनल सोलर अलायंस के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की.
हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मौजूदगी में आयोजित ब्लूमबर्ग गाला में भी विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया. इस कार्यक्रम में मंत्री, राजनयिक और विश्वभर के कारोबारी नेता उपस्थित थे.
इस दौरान हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), भू-राजनीति और आर्थिक विकास जैसे विषयों पर अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि स्थायी समृद्धि केवल पूंजी या तकनीक से नहीं, बल्कि विश्वास, नैतिक मूल्यों और मानव सेवा से बनती है.
उन्होंने कहा, “Prime Minister Narendra Modi का संदेश कि असली शक्ति दूसरों को सशक्त बनाने में है, इस बात को दर्शाता है कि सबसे बड़ी ताकत कमजोर लोगों की सेवा करने में है. आज दुनिया को इसी तरह के नेतृत्व की जरूरत है. दुनिया नई शक्ति की तलाश कर रही है. India दुनिया को सबसे पुरानी और सबसे टिकाऊ शक्ति दे सकता है, वह है विश्वास. पूंजी बुनियादी ढांचा बना सकती है, लेकिन समाज को खड़ा करने का काम भरोसा करता है. सबके प्रति प्रेम, किसी के प्रति दुर्भावना नहीं.”
हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने माइकल ब्लूमबर्ग, ब्लूमबर्ग के नेतृत्व, लिंडसे हॉवर्ड और आयोजन टीम का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि इस फोरम ने मानवता की सेवा के लिए भविष्य में संवाद और सहयोग के नए अवसर खोल दिए हैं.
–
एवाई/वीसी


