Skip to content
Friday, 16 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
राजनीति,राष्ट्रीय

कांग्रेस को सत्ता में लाने में नाकाम रहने से राहुल गांधी हताश : बीवाई विजयेंद्र

कांग्रेस को सत्ता में लाने में नाकाम रहने से राहुल गांधी हताश : बीवाई विजयेंद्र

Bengaluru, 16 अक्टूबर . कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने Friday को सवाल उठाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी उन लोगों के साथ क्यों जुड़ रहे हैं जिन्हें उन्होंने राष्ट्र-विरोधी तत्व बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को सत्ता में लाने में नाकाम रहने के कारण राहुल गांधी हताश हैं.

Bengaluru के पॉटरी टाउन में भाजपा के ‘वोकल फॉर लोकल’ कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए विजयेंद्र ने कांग्रेस Government पर कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती में अनियमितताओं की जांच को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने मांग की कि हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त अधिकारियों के साथ विशेष जांच दल (एसआईटी) को अपनी जांच जारी रखने दी जाए.

इस दौरान विजयेंद्र के साथ Bengaluru उत्तर जिला भाजपा अध्यक्ष एस. हरीश और पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद थे.

विजयेंद्र ने केपीएससी घोटाले की जांच कर रहे अधिकारी आलोक कुमार को जांच से हटाए जाने के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस Government जांच में दखल देने की कोशिश कर रही है.

उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व Chief Minister सिद्दारमैया ने लोकायुक्त को खत्म करके भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) बनाया था. उन्होंने आरोप लगाया कि Government ने अपने चहेते अधिकारियों को अहम पदों पर बिठाया, जिससे उसे ‘क्लीन चिट’ पाने में मदद मिली.

भाजपा नेता ने सवाल किया, “अब फिर से वही कोशिश की जा रही है. हाईकोर्ट ने कुछ ईमानदार अधिकारियों को लेकर एक एसआईटी बनाई थी. कांग्रेस Government और प्रियांक खड़गे को उनसे क्या डर है?”

बीवाई विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि राज्य Government ने आलोक कुमार और अन्य अधिकारियों को जांच टीम से हटाने के लिए Supreme Court का दरवाजा खटखटाया है, जबकि उन्होंने इन अधिकारियों को ईमानदार बताया.

उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों को हटाने को लेकर हुए विवाद ने केपीएससी घोटाले में प्रियांक खड़गे की भूमिका को लेकर चर्चाओं को और हवा दे दी है. उन्होंने कांग्रेस Government पर अपने कदमों से इन संदेहों को और मजबूत करने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, “अगर प्रियांक खड़गे सच में ईमानदार हैं और Government केपीएससी घोटाले की जांच करने के लिए प्रतिबद्ध है, तो उसे हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त अधिकारियों को ही जांच करने देनी चाहिए.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस घोटाले को छिपाने की कोशिश की जा रही है.

विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में स्टिंग ऑपरेशन के पीछे जो लोग हैं, उन्हें जनता जानती है. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के मंत्रियों को इस बात का डर है कि उनकी अपनी ही पार्टी के सदस्य गलत कामों का पर्दाफाश कर सकते हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि Chief Minister डीके शिवकुमार इस विवाद पर चुप रहे हैं और उन्होंने तथ्यों का पता लगाने के लिए पूरी जांच की मांग की. उन्होंने मांग की, “सीबीआई जांच कराई जाए ताकि सच सामने आ सके.” उन्होंने आगे कहा कि ऐसा शक गहराता जा रहा है कि सत्ताधारी पार्टी इन बातों को गुप्त रखना चाहती है.

कांग्रेस और ‘कॉकरोच पार्टी’ (सीजेपी) कहे जाने वाले संगठन के बीच तुलना को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में, विजयेंद्र ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि दोनों एक जैसे ही हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कांग्रेस को सत्ता में लाने में नाकाम रहने और मोदी की लोकप्रियता के कारण हताश हैं. उन्होंने आगे दावा किया कि यह एहसास होने के बाद कि Prime Minister बनने की उनकी महत्वाकांक्षा पूरी नहीं होगी. गांधी अन्य संगठनों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शनों में शामिल हो गए.

विजयेंद्र ने कांग्रेस नेता पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम), चुनाव आयोग और Supreme Court पर अविश्वास जताने का आरोप लगाया. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस और वामपंथी संगठन देश में अशांति फैलाने की साजिश रच रहे हैं.

उन्होंने कहा, “हमारे देश में अराजकता नहीं फैलाई जा सकती. जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है. पार्टी को आत्ममंथन करना चाहिए और समझना चाहिए कि वह लोगों से क्यों कट गई है.”

उन्होंने दावा किया कि जनता एनडीए और मोदी के नेतृत्व का समर्थन करती है और विपक्ष की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रही है.

विजयेंद्र ने सार्वजनिक जीवन में मोदी के 25 वर्षों की सराहना करते हुए कहा कि Prime Minister का रिकॉर्ड बेदाग रहा है. उन्होंने बताया कि ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल के तहत उन्होंने पॉटरी टाउन का दौरा किया, ताकि कुम्हारों के सामने आने वाली चुनौतियों को समझा जा सके और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा सके.

–

एएसएच/वीसी

Share