
चेन्नई, 11 सितंबर . दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन और तिलक वर्मा की कप्तानी वाली साउथ जोन के बीच एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला गया. ईस्ट जोन विजेता रही. साउथ जोन की तरफ से खेल रहे भारतीय टीम के सीनियर तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज इस मुकाबले में प्रभावी नहीं रहे.
मोहम्मद सिराज ने मैच में कुल 41ओवर गेंदबाजी की और महज 1 विकेट ले पाए. इस दौरान उन्होंने 187 रन लुटाए. सिराज के गेंदों की गति भी 125-130 किलोमीटर/घंटा के बीच रही. भारतीय टेस्ट टीम के नियमित और प्रभावी तेज गेंदबाज सिराज का यह प्रदर्शन निराशाजनक और क्रिकेट विश्लेषकों और फैंस के लिए चौंकाने वाला था.
सिराज का मानना है कि श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले उनको मिले 2 महीने के ब्रेक ने उनकी गेंदबाजी को प्रभावित किया है. इसी वजह से श्रीलंका सीरीज के दौरान गाले और कोलंबो में हुए टेस्ट मैचों में उनकी गेंदबाजी की गति भी कम रही.
दलीप ट्रॉफी फाइनल की समाप्ति के बाद सिराज ने कहा, “मैं पूरी तरह से एक रिदम गेंदबाज हूं. अगर मैं अपने रंग में नहीं हूं, तो मैं क्रीज से तेजी से नहीं निकल सकता. श्रीलंका में यही मुश्किल थी – मेरा रन-अप बिखरा हुआ लग रहा था. कुछ स्ट्राइड बहुत छोटे थे, कुछ बहुत लंबे, और इससे मेरा फ्लो टूट गया. इससे मेरी गति पर असर पड़ा.”
सिराज ने कहा, “हर गेंदबाज का शरीर अलग होता है. मेरा शरीर लंबे ब्रेक को अच्छी तरह नहीं झेल पाता. छोटा ब्रेक ठीक है. दस साल के करियर में, मैंने कभी पूरे दो महीने की छुट्टी नहीं ली थी. मैं जिम में वर्कआउट कर रहा था और कभी-कभी गेंदबाजी भी कर रहा था, लेकिन कितना भी अभ्यास कर लो, मैच वाली स्थिति नहीं बनती. यह एक नया अनुभव था. यह मेरे आगे के करियर के लिए बेहद अहम था.”
दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने कहा, “हम सीधे श्रीलंका से आए थे, जहां हमने दूसरे टेस्ट में साढ़े तीन दिन फील्डिंग की, और एक सप्ताह के अंदर, हम यहां चेन्नई की चिलचिलाती गर्मी में खेल रहे थे. यह पैशन पर निर्भर है. जब आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं, तो आप बहाने नहीं बना सकते. आपको अपनी टीम और देश के लिए पूरी कोशिश करनी होती है. मुझे विकेट नहीं मिला, लेकिन यह अनुभव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम आएगा.”
सिराज की गेंदबाजी पहली पारी की तुलना में दूसरी पारी में बेहतर रही.
उन्होंने कहा, “पहली पारी में, पिच फ्रेश लग रही थी, इसलिए मैंने बहुत तेज गेंदबाजी करने की कोशिश की. मैं जबरदस्ती कर रहा था, इससे मेरी रिदम बिगड़ गई. दूसरी पारी में, मैंने खुद से कहा कि परिणाम भूल जाओ और बस अच्छी रिदम के साथ मैदान में उतरो. ऐसा करते ही पुराना सिराज वापस आ गया.”
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पीएके