ब्रिक्स सम्मेलन से व्यापार और निवेश के कई गुना बढ़ने की उम्मीद: दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त (आईएएनएस साक्षात्कार)

New Delhi, 7 सितंबर . India और दक्षिण अफ्रीका के बीच व्यापारिक संबंध अभी अपनी शुरुआती अवस्था में हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार तथा निवेश को कई गुना बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं. India में दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त अनिल सूकलाल को उम्मीद है कि ब्रिक्स समिट में ट्रेड संबंध और बेहतर होंगे.

साक्षात्कार में सूकलाल ने कहा, “India और दक्षिण अफ्रीका के बीच द्विपक्षीय व्यापार फिलहाल करीब 12.5 अरब डॉलर सालाना है. ब्रिक्स समिट से इसे और बढ़ावा मिलेगा. दक्षिण अफ्रीका के लिए India अफ्रीकी महाद्वीप में सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जबकि वैश्विक स्तर पर India दक्षिण अफ्रीका के चौथे सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल है. हालांकि, यह संबंध अभी अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंचा है.”

उन्होंने बताया, “President सिरिल रामाफोसा के साथ ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने India आए दक्षिण अफ्रीकी कारोबारी प्रतिनिधिमंडल में 120 से अधिक कंपनियां शामिल हैं. यह संभवतः India आने वाला दक्षिण अफ्रीका का अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल है.”

उच्चायुक्त के अनुसार, ये कंपनियां ब्रिक्स बिजनेस फोरम में हिस्सा लेने के अलावा भारत-दक्षिण अफ्रीका व्यापार पर केंद्रित तीन अलग-अलग कार्यक्रमों में भी भाग लेंगी. इससे India के बाजार को लेकर दक्षिण अफ्रीकी कारोबारी जगत की बढ़ती दिलचस्पी का पता चलता है.

ब्रिक्स सम्मेलन आयोजन को लेकर खासे उत्साहित सूकलाल ने कहा, “ये यह ऐसे समय हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर Political, सुरक्षा, आर्थिक और पर्यावरणीय चुनौतियां महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं.”

उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली में दुनिया के कई प्रभावशाली नेता एक साथ जुट रहे हैं और यह अपने आप में एक मजबूत संदेश है. सम्मेलन में Political एवं सुरक्षा, वित्तीय एवं आर्थिक तथा सामाजिक, पर्यावरण और जलवायु से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी.

India की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान आयोजित बैठकों की सराहना करते हुए उन्होंने आगे कहा, “India अब तक 300 से अधिक बैठकें कर चुका है, जिनमें लगभग 20 मंत्री स्तर की बैठकें शामिल हैं. दक्षिण अफ्रीका ने इन सभी मंत्री स्तरीय बैठकों में मंत्री या उपमंत्री स्तर पर भाग लिया है. स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, संचार एवं आईसीटी, शिक्षा, क्षमता निर्माण और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को लेकर ठोस प्रगति हुई है.”

सूकलाल ने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच वित्तीय लेनदेन में अधिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी काम हो रहा है. इसमें पश्चिमी भुगतान प्रणालियों पर निर्भरता कम करना, स्थानीय मुद्राओं में आपसी व्यापार और भुगतान बढ़ाना तथा डिजिटल मुद्राओं को जोड़ने की संभावनाओं पर काम शामिल है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान इस दिशा में कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं हो सकती हैं.

प्रोफेसर सूकलाल ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में पहले से मौजूद बड़ी भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनियां न केवल दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, बल्कि दक्षिण अफ्रीका को व्यापक उप-सहारा अफ्रीकी बाजार में प्रवेश के आधार के रूप में भी इस्तेमाल कर रही हैं.

दक्षिण अफ्रीकी दूत ने दक्षिण अफ्रीका की मजबूत आधारभूत संरचना, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी), डिजिटल अर्थव्यवस्था तथा बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं को भारतीय कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया. उन्होंने कहा, “इसी तरह दक्षिण अफ्रीकी कंपनियों की India के बाजार में प्रवेश करने में भी रुचि लगातार बढ़ रही है.”

दक्षिण अफ्रीकी उच्चायुक्त ने दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में हालिया महत्वपूर्ण प्रगति के तौर पर प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट (पीटीए) का उल्लेख किया.

उन्होंने बताया, “पिछले साल अगस्त में दक्षिण अफ्रीका के व्यापार मंत्री की India यात्रा के दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ बातचीत में India और दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (एसएसीयू) के बीच पीटीए वार्ता को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमति बनी थी. इसके बाद करीब तीन सप्ताह पहले पीटीए के लिए फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे औपचारिक बातचीत शुरू करने का रास्ता साफ हुआ.”

सूकलाल ने कहा कि यह अफ्रीकी क्षेत्र और India के बीच इस तरह का पहला समझौता होगा और इसके लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार तथा निवेश को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

India और दक्षिण अफ्रीका के बीच भविष्य के सहयोग के क्षेत्रों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया.

सूकलाल ने कहा कि ब्रिक्स को एआई के क्षेत्र में सहयोग को मुख्य एजेंडे में शामिल करना चाहिए. उन्होंने इस क्षेत्र में India की क्षमताओं, खासकर डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में और अधिक सहयोग की संभावनाएं हैं.

Prime Minister Narendra Modi के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर पूछे गए सवाल के जवाब में सूकलाल ने उनकी नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा की.

उन्होंने कहा कि 2014 में Prime Minister मोदी के पद संभालने के बाद India की आर्थिक वृद्धि में तेजी आई है. साथ ही उन्होंने Prime Minister मोदी को वैश्विक दक्षिण के प्रमुख नेताओं में से एक बताते हुए India की जी20 अध्यक्षता को उनके वैश्विक नेतृत्व का उदाहरण बताया.

केआर/

Leave a Comment