
New Delhi, 12 सितंबर . भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा वाले ‘New Delhi घोषणा-पत्र’, मध्य पूर्व संघर्ष पर चीन के President शी जिनपिंग की टिप्पणी और India की वैश्विक स्थिति को लेकर कांग्रेस की आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने ब्रिक्स सम्मेलन को India के लिए महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि सम्मेलन में विभिन्न देशों को एक मंच पर लाकर विवादित मुद्दों पर सहमति बनाने की दिशा में काम हुआ है.
गौरव वल्लभ ने ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि कुछ नेताओं की ओर से गलत तथ्यों और उदाहरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने बांडुंग सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि अप्रैल 1955 में हुआ यह सम्मेलन पांच देशों की सहभागिता से आयोजित हुआ था. India के वैश्विक सम्मान और प्रभाव में बढ़ोतरी हो रही है, ऐसे समय में कांग्रेस की ओर से नाराजगी जताना समझ से परे है. यह किसी व्यक्ति विशेष की उपलब्धि का विषय नहीं, बल्कि India के सम्मान और देश की बढ़ती वैश्विक भूमिका का मामला है.
भाजपा नेता ने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन में दुनिया की बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले देशों को एक मंच पर लाया गया और कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सहमति बनाने का प्रयास हुआ. उन्होंने Prime Minister Narendra Modi के ‘बैरियर तोड़ने और ब्रिज बनाने’ के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यापार, मानसिकता और सामाजिक स्तर पर मौजूद बाधाओं को दूर कर सहयोग बढ़ाने का संदेश सम्मेलन से गया है.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश समेत विपक्ष के अन्य नेताओं पर निशाना साधते हुए वल्लभ ने आरोप लगाया कि जब India का सम्मान बढ़ता है तो कुछ लोग अनावश्यक रूप से सवाल खड़े करते हैं. उन्होंने ब्रिक्स के संयुक्त घोषणा-पत्र को India की कूटनीतिक सक्रियता का उदाहरण बताया.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की ब्रिक्स घोषणा-पत्र में निंदा का जिक्र करते हुए गौरव वल्लभ ने इसे India की बड़ी कूटनीतिक जीत बताया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद की घटना की सामूहिक निंदा ऐसे देशों के साझा मंच से हुई, जो दुनिया की बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं. इससे Pakistan अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ा है. पहलगाम हमले को लेकर ब्रिक्स के साझा रुख से आतंकवाद के खिलाफ India की नीति को समर्थन मिला है.
उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक नीति अपनाई गई है. उन्होंने भारत-Pakistan संबंधों के संदर्भ में ‘पानी और खून साथ नहीं चल सकते’ वाली नीति का उल्लेख किया और कहा कि Pakistan प्रायोजित आतंकवाद की किसी घटना को India ने गंभीरता से लेने का स्पष्ट संदेश दिया है.
वल्लभ ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ India की कार्रवाई और कूटनीतिक प्रयासों का असर अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी दिखाई दे रहा है. ब्रिक्स घोषणा-पत्र में पहलगाम हमले की निंदा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है.
वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष को लेकर चीन के President शी जिनपिंग की टिप्पणी पर गौरव वल्लभ ने कहा कि ब्रिक्स के संयुक्त घोषणा-पत्र में भी संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया गया है. उन्होंने कहा कि युद्ध किसी विवाद का स्थायी समाधान नहीं हो सकता. विवादों को बातचीत, चर्चा और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए सुलझाने की जरूरत है. वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष का असर केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और स्थिरता प्रभावित होती है.
उन्होंने कहा कि कई देश संघर्षों से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होते हैं, जबकि कई देशों पर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है. ऐसे में संवाद के जरिए समाधान निकालना मानवता और वैश्विक समृद्धि दोनों के हित में है. शी जिनपिंग की टिप्पणी और ब्रिक्स के संयुक्त घोषणा-पत्र का व्यापक संदेश भी इसी दिशा में है कि अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए. उन्होंने इसे वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए सकारात्मक संकेत बताया.
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पीएसके/डीकेपी