ब्रिक्स मंच पर भारत ने उठाया आतंकवाद का मुद्दा, सीमा पार आतंक बर्दाश्त नहीं: राम कदम

Mumbai , 12 सितंबर . भाजपा विधायक राम कदम ने आतंकवाद के खिलाफ ब्रिक्स के रुख, मराठा आरक्षण आंदोलन और मनोज जरांगे पाटिल के ऐलान, मनसे प्रमुख राज ठाकरे की हिंदी संबंधी टिप्पणी और नवरात्रि-गरबा के दौरान खानपान व प्रवेश को लेकर चल रही बहस पर टिप्पणी की. उन्होंने ब्रिक्स सम्मेलन को India के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुटता का संदेश गया है. वहीं, मराठा आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि Government समाज के साथ मजबूती से खड़ी है, लेकिन कोई भी फैसला संविधान और न्यायपालिका की कसौटी पर खरा उतरना चाहिए.

भाजपा विधायक राम कदम ने से बातचीत में कहा कि पहलगाम आतंकी हमले की गूंज केवल संसद तक सीमित नहीं रही. India ने ब्रिक्स के मंच पर भी आतंकवाद का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया. India ने दुनिया के देशों से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की जरूरत पर जोर दिया है. आतंकवाद को लेकर India अपनी नीति स्पष्ट कर चुका है और भविष्य में सीमा पार आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. पहलगाम हमले के बाद India ने संबंधित आतंकी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई कर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है. उन्होंने ब्रिक्स को आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया.

ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर राम कदम ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सम्मेलन में विभिन्न देशों के Prime Minister और राष्ट्राध्यक्ष शामिल हो रहे हैं. ऐसे में सम्मेलन के महत्व पर सवाल उठाना उचित नहीं है. भाजपा की आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन Political विरोध की आड़ में देश के महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कांग्रेस पर ‘प्रतिशोध की राजनीति’ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दल से ऊपर देश को रखना चाहिए.

पूर्व Union Minister पी चिदंबरम का जिक्र करते हुए राम कदम ने कहा कि वे वित्त और गृह जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल चुके हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के महत्व की जानकारी होनी चाहिए.

मराठा आरक्षण आंदोलन और मनोज जरांगे पाटिल के ऐलान पर राम कदम ने कांग्रेस और शरद पवार पर मराठा आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि Maharashtra में मौजूदा Government ने मराठा समाज के आरक्षण के लिए पहल की और इसे आगे बढ़ाने का काम किया. Government मराठा समाज के साथ खड़ी है, लेकिन किसी दूसरे वर्ग के अधिकार या आरक्षण को प्रभावित करके दिया गया फैसला संविधान और कानून की कसौटी पर टिकना मुश्किल होगा. फैसला ऐसा किया जाना चाहिए जो लोकतांत्रिक व संवैधानिक हो और न्यायपालिका में टिक सके.

गणपति उत्सव का जिक्र करते हुए उन्होंने आंदोलन के दौरान दूसरे समुदायों या त्योहारों को परेशानी न होने देने की अपील भी की. राम कदम ने कहा कि मराठा समाज के हितों के साथ Government आगे भी खड़ी रहेगी.

राज ठाकरे द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हिंदी सुधारने संबंधी टिप्पणी पर राम कदम ने मनसे पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि मनसे नेताओं को दूसरे नेताओं की भाषा पर टिप्पणी करने के बजाय अपने Political दल की स्थिति और भविष्य पर चिंतन करना चाहिए. राम कदम ने अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ हुई कार्रवाई और विभिन्न राज्यों में भाजपा Governmentों के गठन का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि सुधार की जरूरत है तो मनसे को अपने संगठन और Political स्थिति पर ध्यान देना चाहिए.

नवरात्रि के दौरान मांसाहारी भोजन को लेकर धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर राम कदम ने कहा कि कोई व्यक्ति क्या खाता है और कब खाता है, यह उसका निजी फैसला है. इस विषय को अनावश्यक रूप से व्यापक विवाद का रूप देने की जरूरत नहीं है. नवरात्रि और गणपति जैसे धार्मिक अवसरों पर आस्था रखने वाले लोग अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खानपान का पालन करते हैं. किसी व्यक्ति की निजी पसंद में हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए.

गरबा आयोजनों में प्रवेश को लेकर विश्व हिंदू परिषद की मांग पर राम कदम ने कहा कि गरबा को केवल मनोरंजन या नृत्य के कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. नवरात्रि में देवी की आराधना और श्रद्धा के साथ किया जाने वाला पारंपरिक रास ही गरबा की मूल भावना है. किसी भी जाति या पंथ का व्यक्ति यदि देवी में श्रद्धा और आस्था रखता है तो उसका स्वागत होना चाहिए. गरबा के धार्मिक स्वरूप और उसकी आस्था से जुड़ी भावना को समझना जरूरी है.

पीएसके

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