बैंक भर्ती परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बैठाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, सीजीएसटी इंस्पेक्टर समेत चार गिरफ्तार

New Delhi, 8 अक्टूबर . केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने देशभर में सक्रिय एक बड़े बैंक भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सीGST के एक इंस्पेक्टर सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह दिल्ली, बिहार, Haryana और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में पहचान छिपाकर परीक्षा और इंटरव्यू में शामिल होने का नेटवर्क चला रहा था.

सीबीआई के अनुसार, यह कार्रवाई इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सोनल सिलेक्शन की शिकायत पर दर्ज First Information Report के बाद की गई. मामले की जांच कर रही सीबीआई की स्पेशल टास्क ब्रांच, Mumbai ने विभिन्न राज्यों में एक साथ छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया.

जांच एजेंसी के मुताबिक आरोपी बैंक भर्ती प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में वास्तविक उम्मीदवारों की जगह फर्जी अभ्यर्थी बनकर शामिल होते थे. वे लिखित परीक्षा से लेकर साक्षात्कार तक में उम्मीदवारों का रूप धारण कर चयन प्रक्रिया में सेंध लगा रहे थे.

सीबीआई ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां न केवल सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता को प्रभावित करती हैं, बल्कि मेहनत करने वाले वास्तविक अभ्यर्थियों के अवसर भी छीन लेती हैं.

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ था और सुनियोजित तरीके से परीक्षा प्रणाली का दुरुपयोग कर रहा था. एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.

सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है.

एजेंसी ने कहा कि भर्ती घोटाले में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है.

इससे पहले एक अन्य मामले में सीबीआई ने रिश्वतखोरी के एक मामले में चंडीगढ़ नगर निगम (एमसी) में कार्यरत एक सैनिटरी इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने Thursday को इसकी जानकारी दी.

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी सैनिटरी इंस्पेक्टर के खिलाफ 7 अक्टूबर को मामला दर्ज किया गया था. उस पर आरोप है कि उसने एक ठेकेदार की फर्म के लंबित और भविष्य के बिलों को पास करने के बदले 14 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी.

सीबीआई ने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर ठेकेदार को धमकी भी दी थी कि यदि रिश्वत नहीं दी गई तो उसकी फर्म के बिल रोक दिए जाएंगे और उसका टेंडर भी रद्द कराया जा सकता है.

अधिकारियों के मुताबिक, शिकायत के आधार पर सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी सैनिटरी इंस्पेक्टर को रंगे हाथों पकड़ लिया. वह कथित तौर पर कुल 14 लाख रुपये की मांग में से 5 लाख रुपए की पहली किस्त लेते समय गिरफ्तार किया गया.

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एएमटी/डीकेपी

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